Class 11th Hindi Trimasik Paper 2026||MP Board कक्षा 11वीं हिंदी त्रैमासिक पेपर 2026

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नमस्कार विद्यार्थियों! मैं आप सभी विद्यार्थियों के लिए Class 11th Hindi Trimasik Paper 2026 का एक पेपर लेकर आ चुका हूँ। जैसा कि त्रैमासिक परीक्षा प्रारंभ हो चुकी है और कल सुबह आपका हिंदी का पेपर है और यदि आप Class 11th Hindi Trimasik Paper 2026 की तैयारी कर रहे हैं, तो यह पेपर आपके लिए काफी उपयोगी हो सकता है। विद्यार्थियों जैसा कि हिंदी के पेपर की बहुत आवश्यकता है इसलिए मैं Class 11th Hindi Trimasik Paper 2026 परीक्षा का पेपर लेकर आ चुका हूं। इस पेपर का संपूर्ण सॉल्यूशन भी आपको मैं देने वाला हूं। संबंधित प्रश्न पत्र आपके ब्लूप्रिंट के अनुसार तैयार किया गया है जो माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल द्वारा त्रैमासिक परीक्षा के लिए बनाया गया है।

Class 11th Hindi Trimasik Paper 2026

त्रैमासिक परीक्षा सत्र 2026-27

कक्षा – 11वीं
विषय – हिन्दी
समय – 3 घंटे
पूर्णांक – 80

निर्देश :

  1. सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।
  2. प्रश्न क्रमांक 1 से 5 तक वस्तुनिष्ठ प्रश्न हैं। प्रत्येक उपप्रश्न 1 अंक का है।
  3. प्रश्न क्रमांक 6 से 15 तक प्रत्येक प्रश्न 2 अंक का है।
  4. प्रश्न क्रमांक 16 से 19 तक प्रत्येक प्रश्न 3 अंक का है।
  5. प्रश्न क्रमांक 20 से 23 तक प्रत्येक प्रश्न 4 अंक का है।
  6. प्रश्न क्रमांक 6 से 23 तक आंतरिक विकल्प दिए गए हैं।
  7. प्रत्येक प्रश्न के अंक उसके सम्मुख दिए गए हैं।

प्रश्न 1. सही विकल्प चुनकर लिखिए। [6×1=6]

(क) ‘हम तौ एक-एक करि जानां’ के कवि कौन हैं?
(अ) कबीर
(ब) सूरदास
(स) तुलसीदास
(द) रहीम

(ख) ‘मेरे तो गिरधर गोपाल, दूसरो न कोई’ की रचयिता कौन हैं?
(अ) महादेवी वर्मा
(ब) मीराबाई
(स) सुभद्रा कुमारी चौहान
(द) अमृता प्रीतम

(ग) ‘नमक का दारोगा’ कहानी के लेखक कौन हैं?
(अ) प्रेमचंद
(ब) कृष्णा सोबती
(स) सत्यजित राय
(द) हरिशंकर परसाई

(घ) ‘करुण रस’ का स्थायी भाव क्या है?
(अ) रति
(ब) हास
(स) शोक
(द) क्रोध

(ङ) ‘मियाँ नसीरुद्दीन’ के लेखक कौन हैं?
(अ) कृष्णा सोबती
(ब) प्रेमचंद
(स) मन्नू भंडारी
(द) निर्मल वर्मा

(च) ‘भारतीय गायिकाओं में बेजोड़’ किससे संबंधित पाठ है?
(अ) लता मंगेशकर
(ब) आशा भोसले
(स) बेगम अख्तर
(द) एम. एस. सुब्बुलक्ष्मी

प्रश्न 2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए। [6×1=6]

(क) ‘हम तौ एक-एक करि जानां’ के कवि __________ हैं।

(ख) ‘मेरे तो गिरधर गोपाल, दूसरो न कोई’ की रचयिता __________ हैं।

(ग) ‘नमक का दारोगा’ के लेखक __________ हैं।

(घ) करुण रस का स्थायी भाव __________ है।

(ङ) ‘मियाँ नसीरुद्दीन’ की लेखिका __________ हैं।

(च) ‘भारतीय गायिकाओं में बेजोड़’ पाठ __________ के जीवन एवं संगीत से संबंधित है।

प्रश्न 3. सत्य/असत्य लिखिए। [6×1=6]

(क) कबीर निर्गुण भक्ति धारा के प्रमुख कवि हैं।

(ख) मीराबाई कृष्णभक्ति की प्रमुख कवयित्री हैं।

(ग) ‘नमक का दारोगा’ के लेखक प्रेमचंद हैं।

(घ) हास्य रस का स्थायी भाव शोक है।

(ङ) ‘मियाँ नसीरुद्दीन’ की लेखिका कृष्णा सोबती हैं।

(च) वितान भाग-1 एक पूरक पाठ्यपुस्तक है।

प्रश्न 4. सही जोड़ी मिलाइए। [7×1=7]

कॉलम ‘अ’ कॉलम ‘ब’

(क) कबीर 1. नमक का दारोगा
(ख) मीराबाई 2. मियाँ नसीरुद्दीन
(ग) प्रेमचंद 3. हम तौ एक-एक करि जानां
(घ) कृष्णा सोबती 4. मेरे तो गिरधर गोपाल
(ङ) करुण रस 5. शोक
(च) लता मंगेशकर 6. भारतीय गायिकाओं में बेजोड़
(छ) वितान 7. पूरक पाठ्यपुस्तक

प्रश्न 5. एक वाक्य में उत्तर लिखिए। [7×1=7]

(क) कबीर किस भक्ति धारा के कवि हैं?

(ख) ‘हम तौ एक-एक करि जानां’ कविता में कबीर किसका विरोध करते हैं?

(ग) ‘नमक का दारोगा’ के मुख्य पात्र का नाम क्या है?

(घ) ‘मियाँ नसीरुद्दीन’ पाठ का मुख्य विषय क्या है?

(ङ) ‘रस’ किसे कहते हैं?

(च) ‘भारतीय गायिकाओं में बेजोड़’ पाठ किस गायिका से संबंधित है?

(छ) अभिव्यक्ति और माध्यम का मुख्य उद्देश्य क्या है?

प्रश्न 6. पद्य साहित्य की कोई दो प्रमुख विशेषताएँ लिखिए। [2]

अथवा

भक्तिकाल की दो प्रमुख विशेषताएँ लिखिए।

प्रश्न 7. कबीर की काव्यगत विशेषताएँ लिखिए। [2]

अथवा

मीराबाई की भक्ति भावना पर प्रकाश डालिए।

प्रश्न 8. ‘हम तौ एक-एक करि जानां’ कविता का मुख्य भाव लिखिए। [2]

अथवा

कबीर के अनुसार सच्चे ज्ञान का क्या महत्व है?

प्रश्न 9. ‘मेरे तो गिरधर गोपाल, दूसरो न कोई’ में मीरा की कृष्ण भक्ति कैसी है? [2]

अथवा

मीरा ने श्रीकृष्ण को अपना सर्वस्व क्यों माना है?

प्रश्न 10. गद्य की कोई दो विधाओं के नाम लिखिए। [2]

अथवा

कहानी और संस्मरण में कोई दो अंतर लिखिए।

प्रश्न 11. ‘नमक का दारोगा’ पाठ में वंशीधर के चरित्र की दो विशेषताएँ लिखिए। [2]

अथवा

पंडित अलोपीदीन के व्यक्तित्व की दो विशेषताएँ लिखिए।

प्रश्न 12. ‘मियाँ नसीरुद्दीन’ पाठ के आधार पर मियाँ नसीरुद्दीन के व्यक्तित्व की दो विशेषताएँ लिखिए। [2]

अथवा

मियाँ नसीरुद्दीन अपने काम को कला क्यों मानते थे?

प्रश्न 13. रस की परिभाषा लिखिए तथा उसके दो अंगों के नाम लिखिए। [2]

अथवा

प्रबंध काव्य और मुक्तक काव्य में दो अंतर लिखिए।

प्रश्न 14. औपचारिक और अनौपचारिक भाषा में कोई दो अंतर लिखिए। [2]

अथवा

मुहावरा और लोकोक्ति में दो अंतर लिखिए।

प्रश्न 15. ‘भारतीय गायिकाओं में बेजोड़’ पाठ के आधार पर लता मंगेशकर की दो विशेषताएँ लिखिए। [2]

अथवा

लता मंगेशकर को भारतीय गायिकाओं में बेजोड़ क्यों कहा गया है?

प्रश्न 16. कबीर का कवि परिचय निम्नलिखित बिंदुओं के आधार पर लिखिए—
जीवन परिचय, रचनाएँ तथा काव्यगत विशेषताएँ। [3]

अथवा

मीराबाई का कवि परिचय लिखिए।

प्रश्न 17. प्रेमचंद का लेखक परिचय लिखिए। [3]

अथवा

कृष्णा सोबती का लेखक परिचय लिखिए।

प्रश्न 18. निम्नलिखित में से किसी एक का उत्तर दीजिए। [3]

(क) शब्द-युग्म किसे कहते हैं? उदाहरण सहित समझाइए।

(ख) मुहावरे की परिभाषा लिखते हुए दो उदाहरण दीजिए।

(ग) वाक्य के प्रमुख भेदों के नाम लिखिए।

प्रश्न 19. निम्नलिखित अपठित गद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए। [3]

समय मनुष्य के जीवन की सबसे मूल्यवान संपत्ति है। धन और वस्तुएँ खो जाने पर दोबारा प्राप्त की जा सकती हैं, लेकिन बीता हुआ समय कभी वापस नहीं आता। विद्यार्थी जीवन में समय का महत्व और भी अधिक है। जो विद्यार्थी समय का उचित उपयोग करते हैं, वे अपने लक्ष्य को आसानी से प्राप्त कर लेते हैं। नियमित अध्ययन, अनुशासन और समय-सारणी सफलता के लिए आवश्यक हैं।

(क) मनुष्य के जीवन की सबसे मूल्यवान संपत्ति क्या है?
(ख) विद्यार्थी जीवन में समय का क्या महत्व है?
(ग) सफलता के लिए किन बातों को आवश्यक बताया गया है?

अथवा

निम्नलिखित अपठित काव्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए—

मेहनत करने वालों की
कभी हार नहीं होती।
मुश्किल राहों पर चलकर
मंजिल दूर नहीं होती।
जो गिरकर फिर उठते हैं,
वे ही आगे बढ़ते हैं।
हिम्मत और विश्वास से
सपने साकार होते हैं।

(क) किन लोगों की हार नहीं होती?
(ख) आगे कौन बढ़ते हैं?
(ग) सपने किस प्रकार साकार होते हैं?

प्रश्न 20. निम्नलिखित काव्यांश का संदर्भ, प्रसंग सहित भावार्थ लिखिए तथा काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए। [4]

“हम तौ एक-एक करि जानां।
दोइ कहैं तिनहीं को दोजग,
जिन नाहिं पहिचानां।”

अथवा

“मेरे तो गिरधर गोपाल, दूसरो न कोई।
जाके सिर मोर मुकुट, मेरो पति सोई॥”

प्रश्न 21. निम्नलिखित गद्यांश की संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए। [4]

“नौकरी में रहते हुए भी वंशीधर ने ईमानदारी का मार्ग नहीं छोड़ा। उनके लिए धन से अधिक महत्वपूर्ण अपना कर्तव्य और आत्मसम्मान था।”

अथवा

“मियाँ नसीरुद्दीन अपने काम को केवल रोजी-रोटी का साधन नहीं मानते थे, बल्कि उसे एक कला समझते थे।”

प्रश्न 22. अपने विद्यालय के प्राचार्य को तीन दिवस के अवकाश हेतु आवेदन पत्र लिखिए। [4]

अथवा

अपने मित्र को परीक्षा में सफलता प्राप्त करने पर बधाई देते हुए पत्र लिखिए।

प्रश्न 23. निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर लगभग 150 शब्दों में निबंध लिखिए। [4]

(क) विद्यार्थी जीवन और अनुशासन
(ख) समय का महत्व
(ग) पर्यावरण संरक्षण
(घ) डिजिटल शिक्षा का महत्व

अथवा

‘स्वच्छ भारत अभियान’ विषय पर निबंध लिखिए।

कक्षा – 11वीं
विषय – हिन्दी
त्रैमासिक परीक्षा 2026-27
पूर्ण समाधान
पूर्णांक – 80

प्रश्न 1. सही विकल्प चुनकर लिखिए। [6×1=6]

(क) ‘हम तौ एक-एक करि जानां’ के कवि कौन हैं?
उत्तर – (अ) कबीर

(ख) ‘मेरे तो गिरधर गोपाल, दूसरो न कोई’ की रचयिता कौन हैं?
उत्तर – (ब) मीराबाई

(ग) ‘नमक का दारोगा’ कहानी के लेखक कौन हैं?
उत्तर – (अ) प्रेमचंद

(घ) ‘करुण रस’ का स्थायी भाव क्या है?
उत्तर – (स) शोक

(ङ) ‘मियाँ नसीरुद्दीन’ के लेखक कौन हैं?
उत्तर – (अ) कृष्णा सोबती

(च) ‘भारतीय गायिकाओं में बेजोड़’ किससे संबंधित पाठ है?
उत्तर – (अ) लता मंगेशकर

प्रश्न 2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए। [6×1=6]

(क) ‘हम तौ एक-एक करि जानां’ के कवि __________ हैं।
उत्तर – कबीर

(ख) ‘मेरे तो गिरधर गोपाल, दूसरो न कोई’ की रचयिता __________ हैं।
उत्तर – मीराबाई

(ग) ‘नमक का दारोगा’ के लेखक __________ हैं।
उत्तर – प्रेमचंद

(घ) करुण रस का स्थायी भाव __________ है।
उत्तर – शोक

(ङ) ‘मियाँ नसीरुद्दीन’ की लेखिका __________ हैं।
उत्तर – कृष्णा सोबती

(च) ‘भारतीय गायिकाओं में बेजोड़’ पाठ __________ के जीवन एवं संगीत से संबंधित है।
उत्तर – लता मंगेशकर

प्रश्न 3. सत्य/असत्य लिखिए। [6×1=6]

(क) कबीर निर्गुण भक्ति धारा के प्रमुख कवि हैं।
उत्तर – सत्य

(ख) मीराबाई कृष्णभक्ति की प्रमुख कवयित्री हैं।
उत्तर – सत्य

(ग) ‘नमक का दारोगा’ के लेखक प्रेमचंद हैं।
उत्तर – सत्य

(घ) हास्य रस का स्थायी भाव शोक है।
उत्तर – असत्य

(ङ) ‘मियाँ नसीरुद्दीन’ की लेखिका कृष्णा सोबती हैं।
उत्तर – सत्य

(च) वितान भाग-1 एक पूरक पाठ्यपुस्तक है।
उत्तर – सत्य

प्रश्न 4. सही जोड़ी मिलाइए। [7×1=7]

(क) कबीर — 3. हम तौ एक-एक करि जानां
(ख) मीराबाई — 4. मेरे तो गिरधर गोपाल
(ग) प्रेमचंद — 1. नमक का दारोगा
(घ) कृष्णा सोबती — 2. मियाँ नसीरुद्दीन
(ङ) करुण रस — 5. शोक
(च) लता मंगेशकर — 6. भारतीय गायिकाओं में बेजोड़
(छ) वितान — 7. पूरक पाठ्यपुस्तक

प्रश्न 5. एक वाक्य में उत्तर लिखिए। [7×1=7]

(क) कबीर किस भक्ति धारा के कवि हैं?
उत्तर – कबीर निर्गुण भक्ति धारा के प्रमुख कवि हैं।

(ख) ‘हम तौ एक-एक करि जानां’ कविता में कबीर किसका विरोध करते हैं?
उत्तर – कबीर बाह्य आडंबर, धार्मिक पाखंड और रूढ़ियों का विरोध करते हैं।

(ग) ‘नमक का दारोगा’ के मुख्य पात्र का नाम क्या है?
उत्तर – ‘नमक का दारोगा’ के मुख्य पात्र का नाम मुंशी वंशीधर है।

(घ) ‘मियाँ नसीरुद्दीन’ पाठ का मुख्य विषय क्या है?
उत्तर – इस पाठ का मुख्य विषय मियाँ नसीरुद्दीन की कला, व्यक्तित्व और उनके काम के प्रति समर्पण है।

(ङ) ‘रस’ किसे कहते हैं?
उत्तर – काव्य को पढ़ने, सुनने या देखने से हृदय में उत्पन्न होने वाले आनंददायक भाव को रस कहते हैं।

(च) ‘भारतीय गायिकाओं में बेजोड़’ पाठ किस गायिका से संबंधित है?
उत्तर – यह पाठ महान गायिका लता मंगेशकर से संबंधित है।

(छ) अभिव्यक्ति और माध्यम का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर – अभिव्यक्ति और माध्यम का उद्देश्य विचारों, भावों और सूचनाओं को प्रभावी ढंग से व्यक्त एवं संप्रेषित करना है।

प्रश्न 6. पद्य साहित्य की कोई दो प्रमुख विशेषताएँ लिखिए। [2]

उत्तर –

  1. पद्य साहित्य में भावों और विचारों की कलात्मक अभिव्यक्ति होती है।
  2. इसमें लय, छंद, रस और अलंकार आदि का प्रयोग किया जाता है।

अथवा

भक्तिकाल की दो प्रमुख विशेषताएँ लिखिए।

उत्तर –

  1. भक्तिकालीन साहित्य में ईश्वर के प्रति भक्ति और समर्पण की भावना प्रमुख है।
  2. इस काल के कवियों ने सामाजिक कुरीतियों, आडंबर और भेदभाव का विरोध किया।

प्रश्न 7. कबीर की काव्यगत विशेषताएँ लिखिए। [2]

उत्तर –
कबीर की काव्यगत विशेषताएँ—

  1. उनकी कविता में निर्गुण भक्ति तथा ईश्वर के प्रति प्रेम की भावना है।
  2. उन्होंने सामाजिक रूढ़ियों, पाखंड और बाह्य आडंबर का विरोध किया।
  3. उनकी भाषा सरल, सहज और प्रभावशाली है।

अथवा

मीराबाई की भक्ति भावना पर प्रकाश डालिए।

उत्तर –
मीराबाई की भक्ति श्रीकृष्ण के प्रति अनन्य और समर्पित थी। वे श्रीकृष्ण को अपना सर्वस्व और पति मानती थीं। उनकी भक्ति में प्रेम, विरह और पूर्ण आत्मसमर्पण की भावना दिखाई देती है।

प्रश्न 8. ‘हम तौ एक-एक करि जानां’ कविता का मुख्य भाव लिखिए। [2]

उत्तर –
कबीर इस कविता में धार्मिक पाखंड और बाहरी आडंबर का विरोध करते हैं। वे बताते हैं कि सच्चा ज्ञान आत्मज्ञान और ईश्वर की वास्तविक पहचान में है। केवल धार्मिक कर्मकांड करने से ईश्वर की प्राप्ति नहीं हो सकती।

अथवा

कबीर के अनुसार सच्चे ज्ञान का क्या महत्व है?

उत्तर –
कबीर के अनुसार सच्चा ज्ञान मनुष्य को सत्य का बोध कराता है। इससे मनुष्य अज्ञान, भ्रम और बाहरी आडंबर से मुक्त होकर ईश्वर के वास्तविक स्वरूप को पहचान सकता है।

प्रश्न 9. ‘मेरे तो गिरधर गोपाल, दूसरो न कोई’ में मीरा की कृष्ण भक्ति कैसी है? [2]

उत्तर –
मीरा की कृष्ण भक्ति अनन्य, प्रेमपूर्ण और पूर्ण समर्पण की भावना से युक्त है। वे श्रीकृष्ण को ही अपना सर्वस्व मानती हैं और उनके अतिरिक्त किसी अन्य को अपना नहीं मानतीं।

अथवा

मीरा ने श्रीकृष्ण को अपना सर्वस्व क्यों माना है?

उत्तर –
मीरा श्रीकृष्ण को अपना आराध्य, पति और जीवन का आधार मानती थीं। उनके मन में श्रीकृष्ण के प्रति अटूट प्रेम और पूर्ण समर्पण था।

प्रश्न 10. गद्य की कोई दो विधाओं के नाम लिखिए। [2]

उत्तर –

  1. कहानी
  2. निबंध

अन्य विधाएँ – उपन्यास, संस्मरण, रेखाचित्र, जीवनी आदि।

अथवा

कहानी और संस्मरण में कोई दो अंतर लिखिए।

उत्तर –

  1. कहानी में सामान्यतः कथानक और घटनाओं के माध्यम से कथा प्रस्तुत की जाती है, जबकि संस्मरण में लेखक अपने अनुभवों और स्मृतियों को प्रस्तुत करता है।
  2. कहानी में कल्पना का प्रयोग हो सकता है, जबकि संस्मरण मुख्यतः वास्तविक अनुभवों पर आधारित होता है।

प्रश्न 11. ‘नमक का दारोगा’ पाठ में वंशीधर के चरित्र की दो विशेषताएँ लिखिए। [2]

उत्तर –

  1. वंशीधर ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ व्यक्ति थे।
  2. वे धन के लालच में अपने कर्तव्य और सिद्धांतों से समझौता नहीं करते थे।

अथवा

पंडित अलोपीदीन के व्यक्तित्व की दो विशेषताएँ लिखिए।

उत्तर –

  1. पंडित अलोपीदीन अत्यंत धनवान और प्रभावशाली व्यक्ति थे।
  2. उन्हें अपने धन और प्रभाव पर बहुत विश्वास था।

प्रश्न 12. ‘मियाँ नसीरुद्दीन’ पाठ के आधार पर मियाँ नसीरुद्दीन के व्यक्तित्व की दो विशेषताएँ लिखिए। [2]

उत्तर –

  1. मियाँ नसीरुद्दीन अपने काम में अत्यंत कुशल और अनुभवी थे।
  2. वे अपने काम को केवल रोजी-रोटी नहीं बल्कि एक कला मानते थे।

अथवा

मियाँ नसीरुद्दीन अपने काम को कला क्यों मानते थे?

उत्तर –
मियाँ नसीरुद्दीन अपने काम में पूरी लगन, कौशल और अनुभव का प्रयोग करते थे। वे मानते थे कि अच्छा काम केवल मेहनत से नहीं बल्कि कला, अनुभव और बारीकियों की समझ से किया जाता है।

प्रश्न 13. रस की परिभाषा लिखिए तथा उसके दो अंगों के नाम लिखिए। [2]

उत्तर –
काव्य को पढ़ने, सुनने या देखने से सहृदय के हृदय में उत्पन्न होने वाले आनंददायक भाव को रस कहते हैं।

रस के प्रमुख अंग हैं—

  1. स्थायी भाव
  2. विभाव
  3. अनुभाव
  4. संचारी भाव

अथवा

प्रबंध काव्य और मुक्तक काव्य में दो अंतर लिखिए।

उत्तर –

  1. प्रबंध काव्य में कथा या घटनाएँ क्रमबद्ध रूप से प्रस्तुत होती हैं, जबकि मुक्तक काव्य में प्रत्येक पद या कविता स्वतंत्र होती है।
  2. प्रबंध काव्य का एक केंद्रीय कथानक होता है, जबकि मुक्तक में किसी एक भाव या विचार की स्वतंत्र अभिव्यक्ति होती है।

प्रश्न 14. औपचारिक और अनौपचारिक भाषा में कोई दो अंतर लिखिए। [2]

उत्तर –

  1. औपचारिक भाषा का प्रयोग कार्यालय, विद्यालय और आधिकारिक कार्यों में किया जाता है, जबकि अनौपचारिक भाषा का प्रयोग मित्रों और परिवार के बीच किया जाता है।
  2. औपचारिक भाषा अधिक शिष्ट, मर्यादित और नियमबद्ध होती है, जबकि अनौपचारिक भाषा सहज और व्यक्तिगत होती है।

अथवा

मुहावरा और लोकोक्ति में दो अंतर लिखिए।

उत्तर –

  1. मुहावरा वाक्य का एक अंग होता है और उसका प्रयोग विशेष अर्थ व्यक्त करने के लिए किया जाता है।
  2. लोकोक्ति एक पूर्ण कथन होती है, जो किसी अनुभव या जीवन-सत्य को व्यक्त करती है।

प्रश्न 15. ‘भारतीय गायिकाओं में बेजोड़’ पाठ के आधार पर लता मंगेशकर की दो विशेषताएँ लिखिए। [2]

उत्तर –

  1. लता मंगेशकर की आवाज अत्यंत मधुर और प्रभावशाली थी।
  2. वे संगीत के प्रति अत्यंत समर्पित और अनुशासित कलाकार थीं।

अथवा

लता मंगेशकर को भारतीय गायिकाओं में बेजोड़ क्यों कहा गया है?

उत्तर –
लता मंगेशकर की गायकी में मधुरता, भावाभिव्यक्ति, स्वर की शुद्धता और अद्भुत विविधता थी। उन्होंने भारतीय संगीत और फिल्मी संगीत को विश्व स्तर पर विशेष पहचान दिलाई।

प्रश्न 16. कबीर का कवि परिचय लिखिए। [3]

उत्तर –
कबीर भक्तिकाल के निर्गुण भक्ति धारा के प्रमुख कवि थे। उन्होंने जाति-पाँति, धार्मिक पाखंड, रूढ़ियों और बाहरी आडंबरों का विरोध किया। उनकी प्रमुख रचनाओं का संग्रह ‘बीजक’ नाम से प्रसिद्ध है, जिसमें साखी, सबद और रमैनी प्रमुख हैं। उनकी भाषा सधुक्कड़ी एवं लोकभाषाओं से प्रभावित थी। उनकी कविता में ज्ञान, भक्ति और सामाजिक चेतना का सुंदर समन्वय मिलता है।

अथवा

मीराबाई का कवि परिचय लिखिए।

उत्तर –
मीराबाई भक्तिकाल की कृष्णभक्ति शाखा की प्रमुख कवयित्री थीं। वे श्रीकृष्ण को अपना आराध्य और पति मानती थीं। उनकी भक्ति में प्रेम, विरह और पूर्ण समर्पण की भावना दिखाई देती है। उनकी भाषा सरल और भावपूर्ण है। उनके पदों में कृष्ण के प्रति अनन्य प्रेम और भक्ति की अभिव्यक्ति मिलती है।

प्रश्न 17. प्रेमचंद का लेखक परिचय लिखिए। [3]

उत्तर –
प्रेमचंद हिन्दी साहित्य के महान कहानीकार और उपन्यासकार थे। उनका वास्तविक नाम धनपत राय था। उन्हें ‘उपन्यास सम्राट’ कहा जाता है। उनकी प्रमुख रचनाएँ ‘गोदान’, ‘गबन’, ‘निर्मला’, ‘सेवासदन’ आदि हैं। उनकी कहानियों में ग्रामीण जीवन, गरीबी, शोषण, सामाजिक समस्याओं और मानवीय संवेदनाओं का प्रभावशाली चित्रण मिलता है। ‘नमक का दारोगा’ उनकी प्रसिद्ध कहानी है।

अथवा

कृष्णा सोबती का लेखक परिचय लिखिए।

उत्तर –
कृष्णा सोबती हिन्दी साहित्य की प्रसिद्ध कथाकार थीं। उनकी रचनाओं में स्त्री जीवन, सामाजिक संबंधों और मानवीय संवेदनाओं का सशक्त चित्रण मिलता है। उनकी भाषा जीवंत, सहज और प्रभावशाली है। ‘मियाँ नसीरुद्दीन’ उनकी चर्चित रचना है।

प्रश्न 18. निम्नलिखित में से किसी एक का उत्तर दीजिए। [3]

(क) शब्द-युग्म किसे कहते हैं? उदाहरण सहित समझाइए।

उत्तर –
दो ऐसे शब्द जो देखने या सुनने में समान या मिलते-जुलते हों, लेकिन उनके अर्थ अलग-अलग हों, उन्हें शब्द-युग्म कहा जाता है।

उदाहरण –

  1. ओर – और
  2. दिन – दीन
  3. कुल – कूल

(ख) मुहावरे की परिभाषा लिखते हुए दो उदाहरण दीजिए।

उत्तर –
ऐसा वाक्यांश जिसका सामान्य अर्थ न होकर विशेष अर्थ होता है और जिसका प्रयोग भाषा को प्रभावशाली बनाने के लिए किया जाता है, उसे मुहावरा कहते हैं।

उदाहरण –

  1. आँखों का तारा – बहुत प्रिय होना।
  2. दाँत खट्टे करना – बुरी तरह पराजित करना।

(ग) वाक्य के प्रमुख भेदों के नाम लिखिए।

उत्तर –
अर्थ के आधार पर वाक्य के प्रमुख भेद हैं—

  1. विधानवाचक वाक्य
  2. निषेधवाचक वाक्य
  3. प्रश्नवाचक वाक्य
  4. आज्ञावाचक वाक्य
  5. इच्छावाचक वाक्य
  6. विस्मयादिबोधक वाक्य
  7. संदेहवाचक वाक्य

प्रश्न 19. निम्नलिखित अपठित गद्यांश के उत्तर दीजिए। [3]

(क) मनुष्य के जीवन की सबसे मूल्यवान संपत्ति क्या है?
उत्तर – समय मनुष्य के जीवन की सबसे मूल्यवान संपत्ति है।

(ख) विद्यार्थी जीवन में समय का क्या महत्व है?
उत्तर – विद्यार्थी जीवन में समय का उचित उपयोग करने से विद्यार्थी नियमित अध्ययन कर सकता है और अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है।

(ग) सफलता के लिए किन बातों को आवश्यक बताया गया है?
उत्तर – सफलता के लिए नियमित अध्ययन, अनुशासन और समय-सारणी को आवश्यक बताया गया है।

अथवा

अपठित काव्यांश के उत्तर—

(क) किन लोगों की हार नहीं होती?
उत्तर – मेहनत करने वाले लोगों की हार नहीं होती।

(ख) आगे कौन बढ़ते हैं?
उत्तर – जो लोग गिरकर फिर उठते हैं और निरंतर प्रयास करते हैं, वे आगे बढ़ते हैं।

(ग) सपने किस प्रकार साकार होते हैं?
उत्तर – हिम्मत, विश्वास और निरंतर मेहनत से सपने साकार होते हैं।

प्रश्न 20. निम्नलिखित काव्यांश का संदर्भ, प्रसंग सहित भावार्थ लिखिए तथा काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए। [4]

“हम तौ एक-एक करि जानां।
दोइ कहैं तिनहीं को दोजग,
जिन नाहिं पहिचानां।”

उत्तर –

संदर्भ – प्रस्तुत पंक्तियाँ कबीर की कविता से ली गई हैं।

प्रसंग – इन पंक्तियों में कबीर धार्मिक पाखंड और ईश्वर के वास्तविक स्वरूप को न पहचानने वाले लोगों की आलोचना करते हैं।

भावार्थ – कबीर कहते हैं कि उन्होंने ईश्वर को एक ही माना है, लेकिन लोग ईश्वर को अलग-अलग मानकर आपस में भेद करते हैं। जो लोग ईश्वर की वास्तविकता को नहीं पहचानते, वे ही उसे दो या अनेक रूपों में बाँटते हैं। कवि एक परम सत्य और ईश्वर की एकता में विश्वास करते हैं।

काव्य-सौंदर्य – भाषा सरल और सहज है। इसमें निर्गुण भक्ति, सामाजिक चेतना तथा धार्मिक आडंबर के विरोध की भावना व्यक्त हुई है।

अथवा

“मेरे तो गिरधर गोपाल, दूसरो न कोई।
जाके सिर मोर मुकुट, मेरो पति सोई॥”

उत्तर –

संदर्भ – प्रस्तुत पंक्तियाँ मीराबाई के कृष्णभक्ति पद से ली गई हैं।

प्रसंग – इन पंक्तियों में मीरा ने श्रीकृष्ण के प्रति अपनी अनन्य भक्ति और पूर्ण समर्पण की भावना व्यक्त की है।

भावार्थ – मीरा कहती हैं कि उनके लिए केवल श्रीकृष्ण ही सब कुछ हैं। उनके अतिरिक्त वे किसी अन्य को अपना नहीं मानतीं। जिन श्रीकृष्ण के सिर पर मोर का मुकुट सुशोभित है, वही उनके पति और आराध्य हैं।

काव्य-सौंदर्य – भाषा सरल, मधुर और भावपूर्ण है। इसमें कृष्ण के प्रति अनन्य प्रेम, भक्ति और समर्पण की भावना व्यक्त हुई है।

प्रश्न 21. निम्नलिखित गद्यांश की संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए। [4]

“नौकरी में रहते हुए भी वंशीधर ने ईमानदारी का मार्ग नहीं छोड़ा। उनके लिए धन से अधिक महत्वपूर्ण अपना कर्तव्य और आत्मसम्मान था।”

उत्तर –

संदर्भ – प्रस्तुत कथन प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानी ‘नमक का दारोगा’ के मुख्य पात्र वंशीधर के चरित्र से संबंधित है।

प्रसंग – वंशीधर को पंडित अलोपीदीन ने धन का लालच देकर अपने पक्ष में करने का प्रयास किया, लेकिन वंशीधर ने रिश्वत स्वीकार नहीं की।

व्याख्या – वंशीधर एक ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी थे। पंडित अलोपीदीन जैसे प्रभावशाली और धनवान व्यक्ति के दबाव के बावजूद उन्होंने अपने कर्तव्य से समझौता नहीं किया। उन्होंने धन के बजाय ईमानदारी और आत्मसम्मान को अधिक महत्व दिया। इससे उनके दृढ़ चरित्र और आदर्शवाद का परिचय मिलता है।

अथवा

“मियाँ नसीरुद्दीन अपने काम को केवल रोजी-रोटी का साधन नहीं मानते थे, बल्कि उसे एक कला समझते थे।”

उत्तर –

संदर्भ – प्रस्तुत कथन कृष्णा सोबती की रचना ‘मियाँ नसीरुद्दीन’ से संबंधित है।

प्रसंग – मियाँ नसीरुद्दीन अपने काम में बहुत निपुण और अनुभवी थे तथा अपने काम को पूरी लगन से करते थे।

व्याख्या – मियाँ नसीरुद्दीन के लिए काम केवल धन कमाने का साधन नहीं था। वे अपने काम की बारीकियों को समझते थे और उसे पूरी कुशलता एवं लगन से करते थे। इसलिए वे अपने काम को कला का दर्जा देते थे। उनके व्यक्तित्व में अपने पेशे के प्रति गर्व और समर्पण दिखाई देता है।

प्रश्न 22. अपने विद्यालय के प्राचार्य को तीन दिवस के अवकाश हेतु आवेदन पत्र लिखिए। [4]

उत्तर –

सेवा में,
श्रीमान प्राचार्य महोदय,
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय,
__________।

विषय – तीन दिवस के अवकाश हेतु आवेदन पत्र।

महोदय,

सविनय निवेदन है कि मुझे पारिवारिक आवश्यक कार्य के कारण तीन दिवस के अवकाश की आवश्यकता है। अतः मैं दिनांक ______ से ______ तक विद्यालय में उपस्थित नहीं हो सकूँगा।

अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि मुझे तीन दिवस का अवकाश प्रदान करने की कृपा करें।

धन्यवाद।

दिनांक – __________

आपका आज्ञाकारी विद्यार्थी
नाम – __________
कक्षा – 11वीं
अनुक्रमांक – __________

अथवा

अपने मित्र को परीक्षा में सफलता प्राप्त करने पर बधाई देते हुए पत्र लिखिए।

उत्तर –

पता – __________
दिनांक – __________

प्रिय मित्र राहुल,

सप्रेम नमस्कार।

मुझे यह जानकर अत्यंत प्रसन्नता हुई कि तुमने अपनी परीक्षा में शानदार सफलता प्राप्त की है। तुम्हारी मेहनत, लगन और अनुशासन का यह सुखद परिणाम है। मैं तुम्हें तुम्हारी इस सफलता पर हृदय से बधाई देता हूँ।

मुझे विश्वास है कि तुम भविष्य में भी इसी प्रकार मेहनत करके सफलता प्राप्त करते रहोगे तथा अपने माता-पिता और विद्यालय का नाम रोशन करोगे।

एक बार पुनः तुम्हें हार्दिक बधाई।

तुम्हारा प्रिय मित्र


प्रश्न 23. निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर लगभग 150 शब्दों में निबंध लिखिए। [4]

(क) विद्यार्थी जीवन और अनुशासन

उत्तर –

विद्यार्थी जीवन और अनुशासन

विद्यार्थी जीवन मनुष्य के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण समय होता है। इसी समय विद्यार्थी अपने भविष्य की नींव तैयार करता है। विद्यार्थी के जीवन में अनुशासन का विशेष महत्व है। अनुशासित विद्यार्थी समय पर उठता है, नियमित अध्ययन करता है और अपने सभी कार्य समय पर पूरा करता है।

अनुशासन विद्यार्थी को समय का सदुपयोग करना सिखाता है। इससे उसमें आत्मविश्वास, जिम्मेदारी और परिश्रम की भावना विकसित होती है। विद्यालय में शिक्षक का सम्मान करना, नियमित विद्यालय जाना और विद्यालय के नियमों का पालन करना अच्छे विद्यार्थी के गुण हैं।

जो विद्यार्थी अनुशासन और मेहनत को अपने जीवन का हिस्सा बना लेता है, वह अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में सफल होता है। इसलिए प्रत्येक विद्यार्थी को अनुशासित जीवन जीना चाहिए।

(ख) समय का महत्व

उत्तर –

समय का महत्व

समय मनुष्य के जीवन की सबसे मूल्यवान संपत्ति है। धन और वस्तुएँ खो जाने पर दोबारा प्राप्त की जा सकती हैं, लेकिन बीता हुआ समय कभी वापस नहीं आता। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को समय का सदुपयोग करना चाहिए।

विद्यार्थी जीवन में समय का महत्व और भी अधिक है। विद्यार्थी को पढ़ाई, खेल और अन्य कार्यों के लिए उचित समय निर्धारित करना चाहिए। समय पर पढ़ाई करने वाला विद्यार्थी परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त कर सकता है। इसके विपरीत जो व्यक्ति अपने कार्यों को टालता रहता है, वह अपने लक्ष्य से पीछे रह जाता है।

हमें समय की कीमत समझनी चाहिए और प्रत्येक कार्य समय पर पूरा करना चाहिए। समय का सदुपयोग ही सफलता की कुंजी है।

(ग) पर्यावरण संरक्षण

उत्तर –

पर्यावरण संरक्षण

पर्यावरण हमारे जीवन का आधार है। हमें शुद्ध वायु, जल, भोजन और जीवन के लिए आवश्यक अनेक वस्तुएँ पर्यावरण से प्राप्त होती हैं। आज पेड़ों की कटाई, प्रदूषण, प्लास्टिक और जल की बर्बादी के कारण पर्यावरण को गंभीर नुकसान हो रहा है।

पर्यावरण की रक्षा करना प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है। हमें अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए और उनकी देखभाल करनी चाहिए। जल को व्यर्थ नहीं बहाना चाहिए। प्लास्टिक का उपयोग कम करना चाहिए तथा कूड़े को उचित स्थान पर डालना चाहिए।

यदि हम आज पर्यावरण की रक्षा करेंगे, तभी आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण मिल सकेगा। इसलिए हमें प्रकृति के प्रति जिम्मेदार बनकर पर्यावरण संरक्षण में योगदान देना चाहिए।

(घ) डिजिटल शिक्षा का महत्व

उत्तर –

डिजिटल शिक्षा का महत्व

आज के आधुनिक युग में डिजिटल शिक्षा का महत्व तेजी से बढ़ रहा है। कंप्यूटर, मोबाइल, इंटरनेट और स्मार्ट कक्षाओं की सहायता से विद्यार्थी घर बैठे भी अनेक विषयों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

डिजिटल शिक्षा से पढ़ाई को रोचक और सरल बनाया जा सकता है। विद्यार्थी वीडियो, चित्र, ऑनलाइन पुस्तकें और शैक्षणिक सामग्री की सहायता से कठिन विषयों को आसानी से समझ सकते हैं। इससे समय की भी बचत होती है और ज्ञान के अनेक स्रोत विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध होते हैं।

हालाँकि डिजिटल साधनों का उपयोग सीमित और सही उद्देश्य के लिए किया जाना चाहिए। पढ़ाई के साथ-साथ विद्यार्थियों को अपनी आँखों और स्वास्थ्य का भी ध्यान रखना चाहिए।

इस प्रकार डिजिटल शिक्षा आधुनिक शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है।

अथवा

स्वच्छ भारत अभियान

उत्तर –

स्वच्छ भारत अभियान

स्वच्छता स्वस्थ जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है। स्वच्छ वातावरण से हमारा शरीर स्वस्थ रहता है और बीमारियों का खतरा कम होता है। देश में स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए स्वच्छ भारत अभियान चलाया गया।

हमें अपने घर, विद्यालय और आसपास के स्थानों को साफ रखना चाहिए। कूड़ा इधर-उधर नहीं फेंकना चाहिए। गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखना चाहिए। सार्वजनिक स्थानों को गंदा करना भी गलत है।

स्वच्छ भारत का निर्माण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। प्रत्येक नागरिक को इसमें अपना योगदान देना चाहिए। यदि हम स्वच्छता को अपनी आदत बना लें, तो हमारा देश अधिक स्वस्थ और सुंदर बन सकता है।

इसलिए हमें स्वयं स्वच्छ रहना चाहिए और दूसरों को भी स्वच्छता के लिए प्रेरित करना चाहिए।

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