नमस्कार विद्यार्थियों! मैं आप सभी विद्यार्थियों के लिए Class 10th Hindi Trimasik Paper 2026 का एक पेपर लेकर आ चुका हूँ। जैसा कि त्रैमासिक परीक्षा प्रारंभ हो चुकी है और कल सुबह आपका हिंदी का पेपर है और यदि आप Class 10th Hindi Trimasik Paper 2026 की तैयारी कर रहे हैं, तो यह पेपर आपके लिए काफी उपयोगी हो सकता है। विद्यार्थियों जैसा कि हिंदी के पेपर की बहुत आवश्यकता है इसलिए मैं Class 10th Hindi Trimasik Paper 2026 परीक्षा का पेपर लेकर आ चुका हूं। इस पेपर का संपूर्ण सॉल्यूशन भी आपको मैं देने वाला हूं। संबंधित प्रश्न पत्र आपके ब्लूप्रिंट के अनुसार तैयार किया गया है जो माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल द्वारा त्रैमासिक परीक्षा के लिए बनाया गया है।

त्रैमासिक परीक्षा सत्र 2026-27
कक्षा – 10वीं
विषय – हिन्दी
समय – 3 घंटे
पूर्णांक – 75
निर्देश :
- सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।
- प्रश्न क्रमांक 1 से 5 तक वस्तुनिष्ठ प्रश्न हैं। प्रत्येक प्रश्न में 6 उपप्रश्न हैं। प्रत्येक उपप्रश्न 1 अंक का है।
- प्रश्न क्रमांक 6 से 17 तक प्रत्येक प्रश्न 2 अंक का है।
- प्रश्न क्रमांक 18 से 20 तक प्रत्येक प्रश्न 3 अंक का है।
- प्रश्न क्रमांक 21 से 23 तक प्रत्येक प्रश्न 4 अंक का है।
- प्रश्न क्रमांक 6 से 23 तक आंतरिक विकल्प दिए गए हैं।
प्रश्न 1. सही विकल्प चुनकर लिखिए। [6×1=6]
(क) ‘पद’ के रचयिता कौन हैं?
(अ) तुलसीदास
(ब) सूरदास
(स) कबीरदास
(द) बिहारी
(ख) ‘राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद’ के रचयिता हैं—
(अ) सूरदास
(ब) तुलसीदास
(स) कबीरदास
(द) जयशंकर प्रसाद
(ग) ‘नेताजी का चश्मा’ के लेखक कौन हैं?
(अ) रामवृक्ष बेनीपुरी
(ब) यशपाल
(स) स्वयं प्रकाश
(द) प्रेमचंद
(घ) रस के कितने प्रमुख अंग माने जाते हैं?
(अ) दो
(ब) तीन
(स) चार
(द) पाँच
(ङ) ‘बालगोबिन भगत’ के लेखक हैं—
(अ) स्वयं प्रकाश
(ब) रामवृक्ष बेनीपुरी
(स) शिवपूजन सहाय
(द) यशपाल
(च) ‘माता का अँचल’ किस विधा की रचना है?
(अ) कहानी
(ब) संस्मरणात्मक रचना
(स) नाटक
(द) कविता
प्रश्न 2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए। [6×1=6]
(क) ‘पद’ के रचयिता __________ हैं।
(ख) ‘राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद’ के रचयिता __________ हैं।
(ग) ‘नेताजी का चश्मा’ के लेखक __________ हैं।
(घ) काव्य में भावों की सुंदर अभिव्यक्ति को __________ कहा जाता है।
(ङ) ‘बालगोबिन भगत’ के लेखक __________ हैं।
(च) ‘माता का अँचल’ के लेखक __________ हैं।
प्रश्न 3. सत्य/असत्य लिखिए। [6×1=6]
(क) सूरदास भक्तिकाल के प्रमुख कवि थे।
(ख) ‘राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद’ के रचयिता सूरदास हैं।
(ग) ‘नेताजी का चश्मा’ के लेखक स्वयं प्रकाश हैं।
(घ) रस का स्थायी भाव होता है।
(ङ) ‘बालगोबिन भगत’ के लेखक यशपाल हैं।
(च) दोहा एक मात्रिक छंद है।
प्रश्न 4. सही जोड़ी मिलाइए। [6×1=6]
कॉलम ‘अ’ कॉलम ‘ब’
(क) सूरदास 1. माता का अँचल
(ख) तुलसीदास 2. नेताजी का चश्मा
(ग) स्वयं प्रकाश 3. पद
(घ) रामवृक्ष बेनीपुरी 4. बालगोबिन भगत
(ङ) शिवपूजन सहाय 5. राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद
(च) दोहा 6. मात्रिक छंद
प्रश्न 5. एक वाक्य में उत्तर लिखिए। [6×1=6]
(क) सूरदास किस भक्ति शाखा के कवि माने जाते हैं?
(ख) ‘राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद’ में लक्ष्मण का स्वभाव कैसा दिखाई देता है?
(ग) ‘नेताजी का चश्मा’ पाठ का मुख्य पात्र कौन है?
(घ) बालगोबिन भगत किस प्रकार का जीवन जीते थे?
(ङ) रस की निष्पत्ति किससे होती है?
(च) ‘माता का अँचल’ के लेखक का पूरा नाम लिखिए।
प्रश्न 6. पद्य साहित्य के इतिहास की प्रमुख विशेषताएँ लिखिए। [2]
अथवा
रीतिकाल की दो प्रमुख विशेषताएँ लिखिए।
प्रश्न 7. सूरदास का कवि परिचय निम्न बिंदुओं के आधार पर लिखिए—
जीवन परिचय, रचनाएँ तथा काव्यगत विशेषताएँ। [2]
अथवा
तुलसीदास का कवि परिचय लिखिए।
प्रश्न 8. ‘पद’ के आधार पर गोपियों की कृष्ण के प्रति भक्ति भावना स्पष्ट कीजिए। [2]
अथवा
गोपियाँ उद्धव को भाग्यवान क्यों कहती हैं?
प्रश्न 9. ‘राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद’ में लक्ष्मण के चरित्र की दो विशेषताएँ लिखिए। [2]
अथवा
परशुराम के क्रोध का कारण क्या था?
प्रश्न 10. काव्य की परिभाषा लिखते हुए उसके किसी एक भेद का नाम लिखिए। [2]
अथवा
प्रबंध काव्य किसे कहते हैं? उसके दो भेद लिखिए।
प्रश्न 11. रस की परिभाषा लिखिए तथा उसके किसी दो अंगों के नाम लिखिए। [2]
अथवा
दोहा और चौपाई में कोई दो अंतर लिखिए।
प्रश्न 12. गद्य की कोई दो प्रमुख विधाओं के नाम लिखिए तथा उनमें से किसी एक की विशेषता बताइए। [2]
अथवा
गद्य और पद्य में दो अंतर लिखिए।
प्रश्न 13. स्वयं प्रकाश का लेखक परिचय लिखिए। [2]
अथवा
रामवृक्ष बेनीपुरी का लेखक परिचय लिखिए।
प्रश्न 14. ‘नेताजी का चश्मा’ पाठ में कैप्टन का चरित्र-चित्रण कीजिए। [2]
अथवा
हालदार साहब को कैप्टन के प्रति सम्मान क्यों उत्पन्न हुआ?
प्रश्न 15. ‘बालगोबिन भगत’ के जीवन की दो प्रमुख विशेषताएँ लिखिए। [2]
अथवा
बालगोबिन भगत के व्यक्तित्व से हमें क्या प्रेरणा मिलती है?
प्रश्न 16. निम्नलिखित में से किसी एक मुहावरे का अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए। [2]
(क) आँखों का तारा
(ख) दाँत खट्टे करना
अथवा
निम्नलिखित में से किसी एक लोकोक्ति का अर्थ लिखिए—
(क) जैसी करनी वैसी भरनी
(ख) जहाँ चाह वहाँ राह
प्रश्न 17. ‘माता का अँचल’ पाठ में बालमन की कौन-कौन सी विशेषताएँ दिखाई देती हैं? [2]
अथवा
‘माता का अँचल’ में पिता और पुत्र के संबंध को स्पष्ट कीजिए।
प्रश्न 18. निम्नलिखित काव्यांश का भावार्थ लिखिए। [3]
“ऊधौ, मन न भए दस बीस।
एक हुतो सो गयौ स्याम संग,
को आराधै ईस॥”
अथवा
“हमारे हरि हारिल की लकड़ी।
मन क्रम बचन नंद-नंदन उर,
यह दृढ़ करि पकड़ी॥”
प्रश्न 19. निम्नलिखित गद्यांश की संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए। [3]
“कैप्टन की देशभक्ति और नेताजी के प्रति सम्मान उसके साधारण-से व्यवहार में भी दिखाई देता था।”
अथवा
“बालगोबिन भगत अपने जीवन में सादगी, भक्ति और मानवता को सबसे अधिक महत्व देते थे।”
प्रश्न 20. निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर लगभग 80 शब्दों में अनुच्छेद लिखिए। [3]
(क) स्वच्छ भारत अभियान
(ख) समय का महत्व
(ग) पर्यावरण संरक्षण
अथवा
निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर विज्ञापन तैयार कीजिए—
(क) वृक्षारोपण अभियान
(ख) पुस्तक प्रदर्शनी
प्रश्न 21. निम्नलिखित अपठित गद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए। [4]
समय मनुष्य के जीवन की सबसे मूल्यवान संपत्ति है। धन को खोकर फिर से प्राप्त किया जा सकता है, लेकिन बीता हुआ समय कभी वापस नहीं आता। जो विद्यार्थी समय का सही उपयोग करते हैं, वे अपने जीवन में सफलता प्राप्त करते हैं। समय का सदुपयोग करने के लिए नियमित अध्ययन, अनुशासन और कार्यों की उचित योजना आवश्यक है। जो व्यक्ति आज के कार्य को कल पर टालता रहता है, वह धीरे-धीरे अपने लक्ष्य से दूर होता जाता है।
(क) मनुष्य के जीवन की सबसे मूल्यवान संपत्ति क्या है?
(ख) बीता हुआ समय वापस क्यों नहीं आता?
(ग) समय का सदुपयोग करने के लिए किन बातों की आवश्यकता है?
(घ) गद्यांश का उचित शीर्षक लिखिए।
अथवा
निम्नलिखित अपठित काव्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए—
चलना ही जीवन की गति है,
रुकना जीवन हार।
मेहनत से जो आगे बढ़ता,
पाता जग में प्यार।
सूरज रोज सिखाता हमको,
करना नित नव काम।
हिम्मत रखकर बढ़ते जाओ,
मिलता निश्चित नाम।
(क) जीवन की गति किसे कहा गया है?
(ख) व्यक्ति को जग में प्यार कब मिलता है?
(ग) सूरज हमें क्या सीख देता है?
(घ) काव्यांश का उचित शीर्षक लिखिए।
प्रश्न 22. अपने विद्यालय के प्राचार्य को तीन दिवस के अवकाश हेतु आवेदन पत्र लिखिए। [4]
अथवा
अपने मित्र को परीक्षा में सफलता प्राप्त करने पर बधाई देते हुए पत्र लिखिए।
प्रश्न 23. निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर लगभग 150 शब्दों में निबंध लिखिए। [4]
(क) विद्यार्थी जीवन और अनुशासन
(ख) पर्यावरण संरक्षण
(ग) डिजिटल शिक्षा का महत्व
(घ) स्वच्छ भारत अभियान
अथवा
‘समय का महत्व’ विषय पर निबंध लिखिए।
कक्षा – 10वीं
विषय – हिन्दी
त्रैमासिक परीक्षा 2026-27
पूर्ण समाधान
प्रश्न 1. सही विकल्प चुनकर लिखिए। [6×1=6]
(क) ‘पद’ के रचयिता कौन हैं?
उत्तर – (ब) सूरदास
(ख) ‘राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद’ के रचयिता हैं—
उत्तर – (ब) तुलसीदास
(ग) ‘नेताजी का चश्मा’ के लेखक कौन हैं?
उत्तर – (स) स्वयं प्रकाश
(घ) रस के कितने प्रमुख अंग माने जाते हैं?
उत्तर – (स) चार
(ङ) ‘बालगोबिन भगत’ के लेखक हैं—
उत्तर – (ब) रामवृक्ष बेनीपुरी
(च) ‘माता का अँचल’ किस विधा की रचना है?
उत्तर – (ब) संस्मरणात्मक रचना
प्रश्न 2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए। [6×1=6]
(क) ‘पद’ के रचयिता __________ हैं।
उत्तर – सूरदास
(ख) ‘राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद’ के रचयिता __________ हैं।
उत्तर – तुलसीदास
(ग) ‘नेताजी का चश्मा’ के लेखक __________ हैं।
उत्तर – स्वयं प्रकाश
(घ) काव्य में भावों की सुंदर अभिव्यक्ति को __________ कहा जाता है।
उत्तर – रस
(ङ) ‘बालगोबिन भगत’ के लेखक __________ हैं।
उत्तर – रामवृक्ष बेनीपुरी
(च) ‘माता का अँचल’ के लेखक __________ हैं।
उत्तर – शिवपूजन सहाय
प्रश्न 3. सत्य/असत्य लिखिए। [6×1=6]
(क) सूरदास भक्तिकाल के प्रमुख कवि थे।
उत्तर – सत्य
(ख) ‘राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद’ के रचयिता सूरदास हैं।
उत्तर – असत्य
(ग) ‘नेताजी का चश्मा’ के लेखक स्वयं प्रकाश हैं।
उत्तर – सत्य
(घ) रस का स्थायी भाव होता है।
उत्तर – सत्य
(ङ) ‘बालगोबिन भगत’ के लेखक यशपाल हैं।
उत्तर – असत्य
(च) दोहा एक मात्रिक छंद है।
उत्तर – सत्य
प्रश्न 4. सही जोड़ी मिलाइए। [6×1=6]
उत्तर –
(क) सूरदास — 3. पद
(ख) तुलसीदास — 5. राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद
(ग) स्वयं प्रकाश — 2. नेताजी का चश्मा
(घ) रामवृक्ष बेनीपुरी — 4. बालगोबिन भगत
(ङ) शिवपूजन सहाय — 1. माता का अँचल
(च) दोहा — 6. मात्रिक छंद
प्रश्न 5. एक वाक्य में उत्तर लिखिए। [6×1=6]
(क) सूरदास किस भक्ति शाखा के कवि माने जाते हैं?
उत्तर – सूरदास कृष्णभक्ति की सगुण भक्ति शाखा के कवि माने जाते हैं।
(ख) ‘राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद’ में लक्ष्मण का स्वभाव कैसा दिखाई देता है?
उत्तर – लक्ष्मण का स्वभाव निर्भीक, व्यंग्यपूर्ण, तेजस्वी और स्पष्टवादी दिखाई देता है।
(ग) ‘नेताजी का चश्मा’ पाठ का मुख्य पात्र कौन है?
उत्तर – ‘नेताजी का चश्मा’ का प्रमुख पात्र कैप्टन चश्मेवाला है।
(घ) बालगोबिन भगत किस प्रकार का जीवन जीते थे?
उत्तर – बालगोबिन भगत सादा, संत-सदृश, भक्ति और मानवता से परिपूर्ण जीवन जीते थे।
(ङ) रस की निष्पत्ति किससे होती है?
उत्तर – रस की निष्पत्ति विभाव, अनुभाव और संचारी भाव के संयोग से होती है।
(च) ‘माता का अँचल’ के लेखक का पूरा नाम लिखिए।
उत्तर – ‘माता का अँचल’ के लेखक शिवपूजन सहाय हैं।
प्रश्न 6. पद्य साहित्य के इतिहास की प्रमुख विशेषताएँ लिखिए। [2]
उत्तर – पद्य साहित्य की प्रमुख विशेषताएँ निम्न हैं—
- इसमें भावों और विचारों की काव्यात्मक अभिव्यक्ति होती है।
- इसमें छंद, अलंकार, रस और लय का महत्वपूर्ण स्थान होता है।
अथवा
रीतिकाल की दो प्रमुख विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर –
- रीतिकालीन काव्य में श्रृंगार रस की प्रधानता थी।
- इस काल में अलंकार, नायिका-भेद और काव्यशास्त्रीय नियमों को विशेष महत्व दिया गया।
प्रश्न 7. सूरदास का कवि परिचय निम्न बिंदुओं के आधार पर लिखिए—
जीवन परिचय, रचनाएँ तथा काव्यगत विशेषताएँ। [2]
उत्तर –
सूरदास भक्तिकाल के कृष्णभक्त कवि थे। वे सगुण भक्ति की कृष्णभक्ति शाखा के प्रमुख कवि माने जाते हैं। उनकी प्रमुख रचना ‘सूरसागर’ है। उनकी कविता में कृष्ण की बाल लीलाओं, वात्सल्य तथा प्रेम-भक्ति का सुंदर चित्रण मिलता है। उनकी भाषा ब्रजभाषा है।
अथवा
तुलसीदास का कवि परिचय लिखिए।
उत्तर –
तुलसीदास भक्तिकाल की रामभक्ति शाखा के प्रमुख कवि थे। उनकी प्रसिद्ध रचना ‘रामचरितमानस’ है। इसके अतिरिक्त ‘विनयपत्रिका’, ‘कवितावली’ आदि उनकी प्रमुख रचनाएँ हैं। उनके काव्य में भक्ति, लोकमंगल, नीति और आदर्श जीवन का सुंदर चित्रण मिलता है।
प्रश्न 8. ‘पद’ के आधार पर गोपियों की कृष्ण के प्रति भक्ति भावना स्पष्ट कीजिए। [2]
उत्तर –
गोपियों की कृष्ण के प्रति भक्ति अत्यंत गहरी और अनन्य है। उनका मन पूरी तरह कृष्ण में समर्पित है। वे कृष्ण के वियोग में अत्यंत दुखी हैं और उन्हें अपने जीवन का आधार मानती हैं। वे किसी अन्य देवता की आराधना नहीं करना चाहतीं।
अथवा
गोपियाँ उद्धव को भाग्यवान क्यों कहती हैं?
उत्तर –
गोपियाँ उद्धव को इसलिए भाग्यवान कहती हैं क्योंकि वे कृष्ण के निकट रहते हैं और कृष्ण के संदेशवाहक बनकर उनके पास आए हैं। गोपियों को कृष्ण से दूर रहकर विरह सहना पड़ रहा है।
प्रश्न 9. ‘राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद’ में लक्ष्मण के चरित्र की दो विशेषताएँ लिखिए। [2]
उत्तर –
लक्ष्मण के चरित्र की प्रमुख विशेषताएँ—
- वे अत्यंत निर्भीक और साहसी हैं।
- वे स्पष्टवादी और तर्कशील हैं। वे परशुराम के क्रोध से भयभीत नहीं होते तथा व्यंग्यपूर्ण उत्तर देते हैं।
अथवा
परशुराम के क्रोध का कारण क्या था?
उत्तर –
परशुराम भगवान शिव के धनुष के टूटने से क्रोधित थे। उन्हें लगा कि किसी ने भगवान शिव के प्रिय धनुष का अपमान किया है। इसी कारण वे धनुष तोड़ने वाले पर अत्यंत क्रोधित हुए।
प्रश्न 10. काव्य की परिभाषा लिखते हुए उसके किसी एक भेद का नाम लिखिए। [2]
उत्तर –
भावों, विचारों और अनुभूतियों की सुंदर, कलात्मक तथा प्रभावशाली अभिव्यक्ति को काव्य कहते हैं।
काव्य के प्रमुख भेद हैं—
- प्रबंध काव्य
- मुक्तक काव्य
अथवा
प्रबंध काव्य किसे कहते हैं? उसके दो भेद लिखिए।
उत्तर –
जिस काव्य में कोई कथा या घटनाक्रम क्रमबद्ध रूप से प्रस्तुत किया जाता है, उसे प्रबंध काव्य कहते हैं।
इसके दो प्रमुख भेद हैं—
- महाकाव्य
- खंडकाव्य
प्रश्न 11. रस की परिभाषा लिखिए तथा उसके किसी दो अंगों के नाम लिखिए। [2]
उत्तर –
काव्य को पढ़ने या सुनने से पाठक के हृदय में उत्पन्न होने वाले आनंददायक भाव को रस कहते हैं।
रस के प्रमुख अंग हैं—
- स्थायी भाव
- विभाव
- अनुभाव
- संचारी भाव
अथवा
दोहा और चौपाई में कोई दो अंतर लिखिए।
उत्तर –
- दोहा चार चरणों का मात्रिक छंद है, जबकि चौपाई चार चरणों का छंद है जिसमें प्रत्येक चरण में 16 मात्राएँ होती हैं।
- दोहे में पहले और तीसरे चरण में 13-13 तथा दूसरे और चौथे चरण में 11-11 मात्राएँ होती हैं।
प्रश्न 12. गद्य की कोई दो प्रमुख विधाओं के नाम लिखिए तथा उनमें से किसी एक की विशेषता बताइए। [2]
उत्तर –
गद्य की प्रमुख विधाएँ हैं—
- कहानी
- उपन्यास
- निबंध
- संस्मरण
कहानी – कहानी गद्य की ऐसी विधा है जिसमें किसी घटना, पात्र या जीवन की स्थिति को रोचक और क्रमबद्ध रूप में प्रस्तुत किया जाता है।
अथवा
गद्य और पद्य में दो अंतर लिखिए।
उत्तर –
- गद्य सामान्य रूप से वाक्यों में लिखा जाता है, जबकि पद्य में छंद, लय और तुक आदि का प्रयोग हो सकता है।
- गद्य में विचारों और घटनाओं का सामान्य वर्णन होता है, जबकि पद्य में भावों की कलात्मक अभिव्यक्ति अधिक प्रमुख होती है।
प्रश्न 13. स्वयं प्रकाश का लेखक परिचय लिखिए। [2]
उत्तर –
स्वयं प्रकाश आधुनिक हिन्दी साहित्य के प्रसिद्ध कहानीकार एवं लेखक थे। उनकी रचनाओं में सामाजिक जीवन, मानवीय संवेदनाओं और सामान्य व्यक्ति की समस्याओं का चित्रण मिलता है। ‘नेताजी का चश्मा’ उनकी प्रसिद्ध रचना है। उनकी भाषा सरल, सहज और प्रभावशाली है।
अथवा
रामवृक्ष बेनीपुरी का लेखक परिचय लिखिए।
उत्तर –
रामवृक्ष बेनीपुरी हिन्दी साहित्य के प्रसिद्ध निबंधकार, लेखक और स्वतंत्रता सेनानी थे। उनकी रचनाओं में ग्रामीण जीवन, मानवीय संवेदना और सामाजिक चेतना का प्रभाव दिखाई देता है। ‘बालगोबिन भगत’ उनकी प्रसिद्ध रचना है।
प्रश्न 14. ‘नेताजी का चश्मा’ पाठ में कैप्टन का चरित्र-चित्रण कीजिए। [2]
उत्तर –
कैप्टन एक साधारण चश्मे बेचने वाला व्यक्ति था, लेकिन उसके हृदय में देशभक्ति की भावना बहुत गहरी थी। वह नेताजी सुभाषचंद्र बोस का बहुत सम्मान करता था। वह नेताजी की मूर्ति पर चश्मा लगाकर उनके प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करता था। उसका कार्य हमें देशप्रेम और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देता है।
अथवा
हालदार साहब को कैप्टन के प्रति सम्मान क्यों उत्पन्न हुआ?
उत्तर –
हालदार साहब ने देखा कि कैप्टन साधारण व्यक्ति होते हुए भी नेताजी की मूर्ति के प्रति अत्यंत सम्मान और श्रद्धा रखता था। वह समय-समय पर मूर्ति पर चश्मा लगाता था। उसकी देशभक्ति देखकर हालदार साहब के मन में उसके प्रति सम्मान उत्पन्न हुआ।
प्रश्न 15. ‘बालगोबिन भगत’ के जीवन की दो प्रमुख विशेषताएँ लिखिए। [2]
उत्तर –
बालगोबिन भगत के जीवन की प्रमुख विशेषताएँ—
- वे अत्यंत सरल, सादगीपूर्ण और संत-सदृश जीवन जीते थे।
- वे भगवान के प्रति गहरी भक्ति रखते थे तथा सुख-दुःख में समान भाव रखते थे।
अथवा
बालगोबिन भगत के व्यक्तित्व से हमें क्या प्रेरणा मिलती है?
उत्तर –
बालगोबिन भगत के व्यक्तित्व से हमें सादा जीवन, उच्च विचार, ईश्वर-भक्ति, मानवता और सुख-दुःख में समान भाव रखने की प्रेरणा मिलती है।
प्रश्न 16. निम्नलिखित में से किसी एक मुहावरे का अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए। [2]
(क) आँखों का तारा
उत्तर –
अर्थ – बहुत अधिक प्रिय होना।
वाक्य – मोहन अपने माता-पिता की आँखों का तारा है।
(ख) दाँत खट्टे करना
उत्तर –
अर्थ – बुरी तरह पराजित करना।
वाक्य – भारतीय खिलाड़ियों ने विरोधी टीम के दाँत खट्टे कर दिए।
अथवा
निम्नलिखित में से किसी एक लोकोक्ति का अर्थ लिखिए—
(क) जैसी करनी वैसी भरनी
उत्तर –
अर्थ – मनुष्य को अपने कर्मों का फल अवश्य मिलता है।
(ख) जहाँ चाह वहाँ राह
उत्तर –
अर्थ – दृढ़ इच्छा और लगन हो तो सफलता का मार्ग अवश्य मिल जाता है।
प्रश्न 17. ‘माता का अँचल’ पाठ में बालमन की कौन-कौन सी विशेषताएँ दिखाई देती हैं? [2]
उत्तर –
‘माता का अँचल’ में बालमन की निम्न विशेषताएँ दिखाई देती हैं—
- बच्चों में स्वाभाविक जिज्ञासा और कल्पनाशीलता होती है।
- वे खेल-कूद, मित्रता और छोटी-छोटी बातों में आनंद खोजते हैं।
- बच्चे अपने माता-पिता से गहरा भावनात्मक लगाव रखते हैं।
अथवा
‘माता का अँचल’ में पिता और पुत्र के संबंध को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर –
‘माता का अँचल’ में पिता और पुत्र के बीच गहरा प्रेम और अपनापन दिखाई देता है। पिता अपने पुत्र को प्यार करते हैं और उसके साथ खेलते हैं। पुत्र भी पिता के प्रति बहुत लगाव रखता है।
प्रश्न 18. निम्नलिखित काव्यांश का भावार्थ लिखिए। [3]
“ऊधौ, मन न भए दस बीस।
एक हुतो सो गयौ स्याम संग,
को आराधै ईस॥”
उत्तर –
गोपियाँ उद्धव से कहती हैं कि हमारा मन अनेक नहीं है कि उसे अलग-अलग लोगों या देवताओं में लगाया जा सके। हमारा तो केवल एक ही मन था और वह भी श्रीकृष्ण के साथ चला गया है। अब हमारे पास ऐसा कोई मन नहीं बचा है जिससे हम किसी दूसरे ईश्वर की आराधना कर सकें। इस प्रकार गोपियों की कृष्ण के प्रति अनन्य भक्ति और प्रेम व्यक्त होता है।
अथवा
“हमारे हरि हारिल की लकड़ी।
मन क्रम बचन नंद-नंदन उर,
यह दृढ़ करि पकड़ी॥”
उत्तर –
गोपियाँ कहती हैं कि श्रीकृष्ण उनके लिए हारिल पक्षी की लकड़ी के समान हैं, जिसे वह कभी नहीं छोड़ता। उन्होंने मन, कर्म और वचन से नंदनंदन श्रीकृष्ण को अपने हृदय में दृढ़ता से धारण कर रखा है। उनका कृष्ण के प्रति प्रेम अटूट और अनन्य है।
प्रश्न 19. निम्नलिखित गद्यांश की संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए। [3]
“कैप्टन की देशभक्ति और नेताजी के प्रति सम्मान उसके साधारण-से व्यवहार में भी दिखाई देता था।”
उत्तर –
संदर्भ – प्रस्तुत कथन ‘नेताजी का चश्मा’ पाठ से संबंधित है। इसके लेखक स्वयं प्रकाश हैं।
व्याख्या – लेखक बताना चाहते हैं कि कैप्टन एक साधारण चश्मा बेचने वाला व्यक्ति था, लेकिन उसके मन में देशभक्ति की भावना बहुत गहरी थी। वह नेताजी सुभाषचंद्र बोस का बहुत सम्मान करता था और उनकी मूर्ति पर चश्मा लगाकर अपनी श्रद्धा प्रकट करता था। उसके इस कार्य से उसकी सच्ची देशभक्ति दिखाई देती थी।
अथवा
“बालगोबिन भगत अपने जीवन में सादगी, भक्ति और मानवता को सबसे अधिक महत्व देते थे।”
उत्तर –
संदर्भ – यह कथन ‘बालगोबिन भगत’ पाठ के मुख्य पात्र के व्यक्तित्व से संबंधित है।
व्याख्या – बालगोबिन भगत अत्यंत सरल और संत-सदृश व्यक्ति थे। वे दिखावे से दूर रहते थे तथा भगवान के प्रति गहरी श्रद्धा रखते थे। वे सभी मनुष्यों के प्रति प्रेम और समानता का भाव रखते थे। उनके जीवन में सादगी, भक्ति और मानवता का विशेष महत्व था।
प्रश्न 20. निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर लगभग 80 शब्दों में अनुच्छेद लिखिए। [3]
(क) स्वच्छ भारत अभियान
उत्तर –
स्वच्छ भारत अभियान देश को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण अभियान है। स्वच्छता केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। हमें अपने घर, विद्यालय और आसपास के स्थानों को साफ रखना चाहिए। कूड़ा हमेशा निर्धारित स्थान पर डालना चाहिए। स्वच्छ वातावरण से बीमारियाँ कम होती हैं और हमारा जीवन स्वस्थ रहता है। इसलिए हमें स्वयं स्वच्छता अपनाकर दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए।
(ख) समय का महत्व
उत्तर –
समय मनुष्य के जीवन की सबसे मूल्यवान संपत्ति है। बीता हुआ समय कभी वापस नहीं आता। जो विद्यार्थी समय का सही उपयोग करता है, वह अपने जीवन में सफलता प्राप्त करता है। हमें समय का महत्व समझकर प्रत्येक कार्य समय पर करना चाहिए। पढ़ाई के लिए समय-सारणी बनानी चाहिए और आलस्य से बचना चाहिए। समय का सदुपयोग करने वाला व्यक्ति अपने लक्ष्य को आसानी से प्राप्त कर सकता है।
(ग) पर्यावरण संरक्षण
उत्तर –
पर्यावरण हमारे जीवन का आधार है। पेड़-पौधे, जल, वायु और भूमि सभी हमारे लिए आवश्यक हैं। आज प्रदूषण और पेड़ों की कटाई के कारण पर्यावरण को बहुत नुकसान हो रहा है। हमें अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए, जल की बचत करनी चाहिए और प्लास्टिक का कम उपयोग करना चाहिए। पर्यावरण की रक्षा करके ही हम आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और स्वस्थ जीवन दे सकते हैं।
अथवा
विज्ञापन – वृक्षारोपण अभियान
वृक्षारोपण अभियान
एक पेड़ – अनेक लाभ
आइए!
पेड़ लगाएँ, पर्यावरण बचाएँ।
अधिक से अधिक पौधे लगाएँ।
स्वच्छ वायु पाएँ।
स्थान – विद्यालय परिसर
दिनांक – 15 सितंबर
समय – प्रातः 10 बजे
“आज एक पेड़ लगाएँ,
कल सुरक्षित भविष्य पाएँ।”
प्रश्न 21. निम्नलिखित अपठित गद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए। [4]
(क) मनुष्य के जीवन की सबसे मूल्यवान संपत्ति क्या है?
उत्तर – समय मनुष्य के जीवन की सबसे मूल्यवान संपत्ति है।
(ख) बीता हुआ समय वापस क्यों नहीं आता?
उत्तर – क्योंकि समय निरंतर आगे बढ़ता रहता है और बीता हुआ समय दोबारा वापस नहीं आता।
(ग) समय का सदुपयोग करने के लिए किन बातों की आवश्यकता है?
उत्तर – समय के सदुपयोग के लिए नियमित अध्ययन, अनुशासन और कार्यों की उचित योजना आवश्यक है।
(घ) गद्यांश का उचित शीर्षक लिखिए।
उत्तर – ‘समय का महत्व’।
अथवा
अपठित काव्यांश के उत्तर—
(क) जीवन की गति किसे कहा गया है?
उत्तर – जीवन की गति चलने और निरंतर आगे बढ़ने को कहा गया है।
(ख) व्यक्ति को जग में प्यार कब मिलता है?
उत्तर – जो व्यक्ति मेहनत करके आगे बढ़ता है, उसे जग में प्यार मिलता है।
(ग) सूरज हमें क्या सीख देता है?
उत्तर – सूरज हमें प्रतिदिन नया कार्य करने और निरंतर कर्म करते रहने की सीख देता है।
(घ) काव्यांश का उचित शीर्षक लिखिए।
उत्तर – ‘निरंतर आगे बढ़ो’।
प्रश्न 22. अपने विद्यालय के प्राचार्य को तीन दिवस के अवकाश हेतु आवेदन पत्र लिखिए। [4]
उत्तर –
सेवा में,
श्रीमान प्राचार्य महोदय,
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय,
__________।
विषय – तीन दिवस के अवकाश हेतु आवेदन पत्र।
महोदय,
सविनय निवेदन है कि मुझे पारिवारिक आवश्यक कार्य के कारण विद्यालय से तीन दिवस का अवकाश लेना आवश्यक है। अतः मैं दिनांक ______ से ______ तक विद्यालय में उपस्थित नहीं हो पाऊँगा।
अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि मुझे तीन दिवस का अवकाश प्रदान करने की कृपा करें।
धन्यवाद।
दिनांक – ________
आपका आज्ञाकारी विद्यार्थी
नाम – __________
कक्षा – 10वीं
अनुक्रमांक – ______
अथवा
अपने मित्र को परीक्षा में सफलता प्राप्त करने पर बधाई देते हुए पत्र लिखिए।
उत्तर –
पता – __________
दिनांक – __________
प्रिय मित्र राहुल,
सप्रेम नमस्कार।
मुझे यह जानकर बहुत खुशी हुई कि तुमने अपनी परीक्षा में शानदार सफलता प्राप्त की है। तुम्हारी मेहनत और लगन का यह बहुत अच्छा परिणाम है। तुम्हारी सफलता पर मैं तुम्हें हृदय से बधाई देता हूँ। मुझे विश्वास है कि तुम भविष्य में भी इसी प्रकार मेहनत करके अपने माता-पिता तथा विद्यालय का नाम रोशन करोगे।
एक बार फिर तुम्हें हार्दिक बधाई।
तुम्हारा प्रिय मित्र
प्रश्न 23. निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर लगभग 150 शब्दों में निबंध लिखिए। [4]
(क) विद्यार्थी जीवन और अनुशासन
उत्तर –
विद्यार्थी जीवन और अनुशासन
विद्यार्थी जीवन मनुष्य के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण समय होता है। इसी समय विद्यार्थी अपने भविष्य की नींव तैयार करता है। विद्यार्थी के जीवन में अनुशासन का विशेष महत्व है। अनुशासित विद्यार्थी समय पर उठता है, नियमित अध्ययन करता है और अपने सभी कार्य समय पर पूरा करता है।
अनुशासन विद्यार्थी को समय का सदुपयोग करना सिखाता है। इससे उसमें आत्मविश्वास, जिम्मेदारी और परिश्रम की भावना विकसित होती है। विद्यालय में भी अनुशासन का पालन करना आवश्यक है। शिक्षक का सम्मान करना, नियमित विद्यालय जाना और नियमों का पालन करना अच्छे विद्यार्थी के गुण हैं।
जो विद्यार्थी अनुशासन और मेहनत को अपने जीवन का हिस्सा बना लेता है, वह अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में सफल होता है। इसलिए प्रत्येक विद्यार्थी को अनुशासित जीवन जीना चाहिए।
(ख) पर्यावरण संरक्षण
उत्तर –
पर्यावरण संरक्षण
पर्यावरण हमारे जीवन का आधार है। हमें शुद्ध वायु, जल, भोजन और जीवन के लिए आवश्यक अनेक वस्तुएँ पर्यावरण से प्राप्त होती हैं। आज पेड़ों की कटाई, प्रदूषण, प्लास्टिक और जल की बर्बादी के कारण पर्यावरण को गंभीर नुकसान हो रहा है।
पर्यावरण की रक्षा करना प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है। हमें अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए और उनकी देखभाल करनी चाहिए। जल को व्यर्थ नहीं बहाना चाहिए। प्लास्टिक का उपयोग कम करना चाहिए तथा कूड़े को उचित स्थान पर डालना चाहिए।
यदि हम आज पर्यावरण की रक्षा करेंगे, तभी आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण मिल सकेगा। इसलिए हमें प्रकृति के प्रति जिम्मेदार बनकर पर्यावरण संरक्षण में योगदान देना चाहिए।
(ग) डिजिटल शिक्षा का महत्व
उत्तर –
डिजिटल शिक्षा का महत्व
आज के आधुनिक युग में डिजिटल शिक्षा का महत्व तेजी से बढ़ रहा है। कंप्यूटर, मोबाइल, इंटरनेट और स्मार्ट कक्षाओं की सहायता से विद्यार्थी घर बैठे भी अनेक विषयों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
डिजिटल शिक्षा से पढ़ाई को रोचक और सरल बनाया जा सकता है। विद्यार्थी वीडियो, चित्र, ऑनलाइन पुस्तकें और शैक्षणिक सामग्री की सहायता से कठिन विषयों को आसानी से समझ सकते हैं। इससे समय की भी बचत होती है और ज्ञान के अनेक स्रोत विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध होते हैं।
हालाँकि डिजिटल साधनों का उपयोग सीमित और सही उद्देश्य के लिए किया जाना चाहिए। पढ़ाई के साथ-साथ विद्यार्थियों को अपनी आँखों और स्वास्थ्य का भी ध्यान रखना चाहिए।
इस प्रकार डिजिटल शिक्षा आधुनिक शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है।
(घ) स्वच्छ भारत अभियान
उत्तर –
स्वच्छ भारत अभियान
स्वच्छता स्वस्थ जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से देश में स्वच्छ भारत अभियान चलाया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य देश को स्वच्छ बनाना और लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना है।
हमें अपने घर, विद्यालय और आसपास के स्थानों को साफ रखना चाहिए। कूड़ा इधर-उधर नहीं फेंकना चाहिए। गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखना चाहिए। सार्वजनिक स्थानों को गंदा करना भी गलत है।
स्वच्छ वातावरण से बीमारियों का खतरा कम होता है और हमारा जीवन स्वस्थ रहता है। सरकार के साथ प्रत्येक नागरिक को भी स्वच्छ भारत के निर्माण में योगदान देना चाहिए।
स्वच्छ भारत केवल एक अभियान नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
अथवा
समय का महत्व
उत्तर –
समय का महत्व
समय मनुष्य के जीवन की सबसे मूल्यवान संपत्ति है। संसार में खोई हुई अनेक वस्तुएँ फिर से प्राप्त की जा सकती हैं, लेकिन बीता हुआ समय कभी वापस नहीं आता। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को समय का सदुपयोग करना चाहिए।
विद्यार्थी जीवन में समय का महत्व और भी अधिक है। विद्यार्थी को पढ़ाई, खेल और अन्य कार्यों के लिए उचित समय निर्धारित करना चाहिए। समय पर पढ़ाई करने वाला विद्यार्थी परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त कर सकता है। इसके विपरीत जो व्यक्ति अपने कार्यों को लगातार टालता रहता है, वह अपने लक्ष्य से पीछे रह जाता है।
हमें समय की कीमत समझनी चाहिए और प्रत्येक कार्य समय पर पूरा करना चाहिए। समय का सदुपयोग ही सफलता की कुंजी है।








