नमस्कार विद्यार्थियों! मैं आप सभी विद्यार्थियों के लिए Class 12th Physics Trimasik Paper 2026 का एक पेपर लेकर आ चुका हूँ। यदि आप Class 12th Physics Trimasik Paper 2026 की तैयारी कर रहे हैं, तो यह पेपर आपके लिए काफी उपयोगी हो सकता है।विद्यार्थियों जैसा की माह सितंबर में दिन सोमवार 7 तारीख को से आपकी त्रैमासिक परीक्षाएं स्टार्ट हो रही हैं और पहला ही पेपर भौतिक शास्त्र का होने वाला है इसलिए आपको भौतिक शास्त्र त्रैमासिक पेपर की बहुत आवश्यकता है इसलिए मैं Class 12th Physics Trimasik Paper 2026 परीक्षा का पेपर लेकर आ चुका हूं इस पेपर का संपूर्ण सॉल्यूशन भी आपको मैं देने वाला हूं

| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| परीक्षा बोर्ड | मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) |
| कक्षा | 12वीं |
| विषय | Physics |
| परीक्षा | त्रैमासिक परीक्षा |
| शैक्षणिक सत्र | 2026-27 |
| पेपर | Class 12th Physics Trimasik Paper 2026 |
| पहला गणित पेपर | 7 सितंबर 2026, सोमवार |
| परीक्षा अवधि | 3 घंटे |
| पूर्णांक | 70 अंक |
| तैयारी सामग्री | मॉडल पेपर + उत्तर |
| आधिकारिक वेबसाइट | MPBSE.net |
त्रैमासिक परीक्षा 2026-27
कक्षा – 12वीं
विषय – भौतिक शास्त्र
समय – 02:30 घंटे पूर्णांक – 70
निर्देश – सभी प्रश्न हल करना अनिवार्य है। प्रश्न क्रमांक 6 से 19 तक प्रत्येक प्रश्न में आंतरिक विकल्प दिया गया है। आवश्यकतानुसार स्वच्छ एवं नामांकित चित्र बनाइए।
प्रश्न 1. सही विकल्प चुनकर लिखिए – 1×6=6
(i) विद्युत क्षेत्र की तीव्रता का SI मात्रक है –
(अ) कूलॉम (ब) न्यूटन/कूलॉम (स) जूल/कूलॉम (द) कूलॉम/न्यूटन
(ii) किसी बिंदु आवेश के कारण विद्युत विभव किसके समानुपाती होता है?
(अ) r (ब) r² (स) 1/r (द) 1/r²
(iii) दो संधारित्र श्रेणी क्रम में जुड़े हों तो उनकी तुल्य धारिता –
(अ) सबसे बड़ी धारिता से अधिक होती है (ब) सबसे छोटी धारिता से कम होती है (स) दोनों के योग के बराबर होती है (द) दोनों के अंतर के बराबर होती है
(iv) धारा घनत्व का सूत्र है –
(अ) J = I/A (ब) J = IA (स) J = A/I (द) J = V/I
(v) चुंबकीय क्षेत्र में गतिमान आवेश पर लगने वाला बल अधिकतम होता है, जब आवेश का वेग और चुंबकीय क्षेत्र के बीच कोण हो –
(अ) 0° (ब) 30° (स) 60° (द) 90°
(vi) धारामापी को एमीटर में बदलने के लिए उसके साथ जोड़ा जाता है –
(अ) उच्च प्रतिरोध (ब) निम्न प्रतिरोध (स) संधारित्र (द) प्रेरकत्व
प्रश्न 2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए – 1×6=6
(i) कूलॉम नियतांक का SI मात्रक __________ है।
(ii) समविभव पृष्ठ पर किसी आवेश को ले जाने में किया गया कार्य __________ होता है।
(iii) विद्युत प्रतिरोध का SI मात्रक __________ है।
(iv) किसी चालक का प्रतिरोध उसकी लंबाई के __________ होता है।
(v) चुंबकीय फ्लक्स का SI मात्रक __________ है।
(vi) आदर्श वोल्टमीटर का प्रतिरोध __________ माना जाता है।
प्रश्न 3. सही जोड़ियाँ बनाइए – 1×6=6
(i) विद्युत विभव (1) टेस्ला
(ii) धारिता (2) वोल्ट
(iii) विद्युत प्रतिरोध (3) फैरड
(iv) चुंबकीय क्षेत्र (4) ओम
(v) विद्युत धारा (5) एम्पियर
(vi) चुंबकीय द्विध्रुव आघूर्ण (6) एम्पियर-मीटर²
प्रश्न 4. एक शब्द अथवा एक वाक्य में उत्तर दीजिए – 1×6=6
(i) विद्युत क्षेत्र में एकांक धन परीक्षण आवेश पर लगने वाले बल को क्या कहते हैं?
(ii) किसी चालक में धारा मापने के लिए किस यंत्र का प्रयोग किया जाता है?
(iii) विद्युत धारा और विभवांतर के संबंध को बताने वाला नियम कौन-सा है?
(iv) प्रतिरोध तथा धारा के गुणनफल को क्या कहते हैं?
(v) सीधे धारा-वाहक तार के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र की दिशा ज्ञात करने के लिए कौन-सा नियम प्रयोग किया जाता है?
(vi) संधारित्र में संचित ऊर्जा का सूत्र लिखिए।
प्रश्न 5. सत्य अथवा असत्य लिखिए – 1×6=6
(i) वैद्युतस्थैतिक संतुलन में चालक के अंदर विद्युत क्षेत्र शून्य होता है।
(ii) परावैद्युत पदार्थ रखने से संधारित्र की धारिता बढ़ जाती है।
(iii) किसी पदार्थ की प्रतिरोधकता उसके चालक की लंबाई पर निर्भर करती है।
(iv) समान दिशा में धारा प्रवाहित करने वाले दो समानांतर तार एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं।
(v) चुंबकीय बल गतिमान आवेश की गतिज ऊर्जा में परिवर्तन नहीं करता है।
(vi) आदर्श एमीटर का प्रतिरोध बहुत अधिक होता है।
प्रश्न 6. विद्युत क्षेत्र की तीव्रता की परिभाषा दीजिए तथा इसका SI मात्रक लिखिए। 2
अथवा
विद्युत विभव की परिभाषा दीजिए तथा इसका SI मात्रक लिखिए।
प्रश्न 7. विद्युत द्विध्रुव आघूर्ण क्या है? इसका सूत्र एवं SI मात्रक लिखिए। 2
अथवा
समविभव पृष्ठ की कोई दो विशेषताएँ लिखिए।
प्रश्न 8. ओम के नियम को लिखिए तथा इसका गणितीय रूप बताइए। 2
अथवा
प्रतिरोधकता की परिभाषा दीजिए तथा इसका SI मात्रक लिखिए।
प्रश्न 9. विद्युत वाहक बल तथा विभवांतर में कोई दो अंतर लिखिए। 2
अथवा
किरचॉफ के प्रथम नियम को लिखिए।
प्रश्न 10. बायो-सेवर्ट नियम का कथन लिखिए तथा इसका गणितीय सूत्र लिखिए। 2
अथवा
एम्पियर के परिपथीय नियम का कथन लिखिए।
प्रश्न 11. लॉरेंज बल से क्या तात्पर्य है? इसका सूत्र लिखिए। 2
अथवा
चुंबकीय क्षेत्र में धारा-वाहक चालक पर लगने वाले बल का सूत्र लिखिए।
प्रश्न 12. विद्युत क्षेत्र रेखाओं की कोई तीन विशेषताएँ लिखिए। 3
अथवा
गाउस के नियम का कथन लिखिए तथा इसका गणितीय रूप दीजिए।
प्रश्न 13. 4 Ω और 6 Ω के दो प्रतिरोध श्रेणीक्रम में जुड़े हैं। उनका तुल्य प्रतिरोध ज्ञात कीजिए। यदि इस संयोजन में 2 A धारा प्रवाहित हो रही है, तो कुल विभवांतर ज्ञात कीजिए। 3
अथवा
5 Ω और 10 Ω के दो प्रतिरोध समानांतर क्रम में जुड़े हैं। उनका तुल्य प्रतिरोध ज्ञात कीजिए।
प्रश्न 14. एक समान चुंबकीय क्षेत्र में गति कर रहे आवेशित कण पर लगने वाले चुंबकीय बल का सूत्र लिखकर स्पष्ट कीजिए कि बल कब अधिकतम और कब शून्य होगा। 3
अथवा
दो समानांतर धारा-वाहक तारों के बीच लगने वाले बल की प्रकृति समझाइए तथा बताइए कि समान दिशा में धारा प्रवाहित होने पर क्या होता है।
प्रश्न 15. चल-कुंडली धारामापी का सिद्धांत लिखिए तथा इसकी कार्यविधि समझाइए। 3
अथवा
धारामापी को वोल्टमीटर में कैसे बदला जाता है? आवश्यक परिपथ समझाइए।
प्रश्न 16. गाउस के नियम की सहायता से अनंत लंबाई के समान रूप से आवेशित सीधे तार के कारण विद्युत क्षेत्र की तीव्रता का व्यंजक प्राप्त कीजिए। 4
अथवा
किसी बिंदु आवेश के कारण विद्युत विभव का व्यंजक प्राप्त कीजिए तथा विभव और विद्युत क्षेत्र के बीच संबंध लिखिए।
प्रश्न 17. एक समान चुंबकीय क्षेत्र में रखे धारा-वाहक चालक पर लगने वाले बल का व्यंजक प्राप्त कीजिए। आवश्यक नामांकित चित्र भी बनाइए। 4
अथवा
बायो-सेवर्ट नियम की सहायता से वृत्ताकार धारा-लूप के केंद्र पर चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता का व्यंजक प्राप्त कीजिए।
प्रश्न 18. 2 μF तथा 4 μF के दो संधारित्र श्रेणीक्रम में 12 V बैटरी से जुड़े हैं।
(i) तुल्य धारिता ज्ञात कीजिए।
(ii) प्रत्येक संधारित्र पर आवेश ज्ञात कीजिए।
(iii) प्रत्येक संधारित्र के बीच विभवांतर ज्ञात कीजिए। 4
अथवा
संधारित्र में संचित ऊर्जा का व्यंजक प्राप्त कीजिए तथा 5 μF के संधारित्र को 100 V तक आवेशित करने पर संचित ऊर्जा ज्ञात कीजिए।
प्रश्न 19. चल-कुंडली धारामापी का सिद्धांत, रचना एवं कार्यविधि समझाइए तथा इसकी धारा-संवेदनशीलता का व्यंजक लिखिए। 4
अथवा
लंबे सीधे धारा-वाहक तार के कारण किसी बिंदु पर चुंबकीय क्षेत्र का व्यंजक एम्पियर के परिपथीय नियम की सहायता से प्राप्त कीजिए।
त्रैमासिक परीक्षा 2026-27
कक्षा – 12वीं
विषय – भौतिक शास्त्र
समय – 02:30 घंटे पूर्णांक – 70
प्रश्न 1. सही विकल्प चुनकर लिखिए – 1×6=6
(i) विद्युत क्षेत्र की तीव्रता का SI मात्रक है –
उत्तर – (ब) न्यूटन/कूलॉम
(ii) किसी बिंदु आवेश के कारण विद्युत विभव किसके समानुपाती होता है?
उत्तर – (स) 1/r
(iii) दो संधारित्र श्रेणी क्रम में जुड़े हों तो उनकी तुल्य धारिता –
उत्तर – (ब) सबसे छोटी धारिता से कम होती है।
(iv) धारा घनत्व का सूत्र है –
उत्तर – (अ) J = I/A
(v) चुंबकीय क्षेत्र में गतिमान आवेश पर लगने वाला बल अधिकतम होता है, जब आवेश का वेग और चुंबकीय क्षेत्र के बीच कोण हो –
उत्तर – (द) 90°
(vi) धारामापी को एमीटर में बदलने के लिए उसके साथ जोड़ा जाता है –
उत्तर – (ब) निम्न प्रतिरोध
प्रश्न 2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए – 1×6=6
(i) कूलॉम नियतांक का SI मात्रक __________ है।
उत्तर – न्यूटन-मीटर²/कूलॉम²
(ii) समविभव पृष्ठ पर किसी आवेश को ले जाने में किया गया कार्य __________ होता है।
उत्तर – शून्य
(iii) विद्युत प्रतिरोध का SI मात्रक __________ है।
उत्तर – ओम
(iv) किसी चालक का प्रतिरोध उसकी लंबाई के __________ होता है।
उत्तर – समानुपाती
(v) चुंबकीय फ्लक्स का SI मात्रक __________ है।
उत्तर – वेबर
(vi) आदर्श वोल्टमीटर का प्रतिरोध __________ माना जाता है।
उत्तर – अनंत
प्रश्न 3. सही जोड़ियाँ बनाइए – 1×6=6
(i) विद्युत विभव – (2) वोल्ट
(ii) धारिता – (3) फैरड
(iii) विद्युत प्रतिरोध – (4) ओम
(iv) चुंबकीय क्षेत्र – (1) टेस्ला
(v) विद्युत धारा – (5) एम्पियर
(vi) चुंबकीय द्विध्रुव आघूर्ण – (6) एम्पियर-मीटर²
प्रश्न 4. एक शब्द अथवा एक वाक्य में उत्तर दीजिए – 1×6=6
(i) विद्युत क्षेत्र में एकांक धन परीक्षण आवेश पर लगने वाले बल को क्या कहते हैं?
उत्तर – विद्युत क्षेत्र की तीव्रता।
(ii) किसी चालक में धारा मापने के लिए किस यंत्र का प्रयोग किया जाता है?
उत्तर – एमीटर।
(iii) विद्युत धारा और विभवांतर के संबंध को बताने वाला नियम कौन-सा है?
उत्तर – ओम का नियम।
(iv) प्रतिरोध तथा धारा के गुणनफल को क्या कहते हैं?
उत्तर – विभवांतर।
(v) सीधे धारा-वाहक तार के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र की दिशा ज्ञात करने के लिए कौन-सा नियम प्रयोग किया जाता है?
उत्तर – दक्षिण हस्त अंगुष्ठ नियम।
(vi) संधारित्र में संचित ऊर्जा का सूत्र लिखिए।
उत्तर – U = 1/2 CV²
प्रश्न 5. सत्य अथवा असत्य लिखिए – 1×6=6
(i) वैद्युतस्थैतिक संतुलन में चालक के अंदर विद्युत क्षेत्र शून्य होता है।
उत्तर – सत्य।
(ii) परावैद्युत पदार्थ रखने से संधारित्र की धारिता बढ़ जाती है।
उत्तर – सत्य।
(iii) किसी पदार्थ की प्रतिरोधकता उसके चालक की लंबाई पर निर्भर करती है।
उत्तर – असत्य।
(iv) समान दिशा में धारा प्रवाहित करने वाले दो समानांतर तार एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं।
उत्तर – सत्य।
(v) चुंबकीय बल गतिमान आवेश की गतिज ऊर्जा में परिवर्तन नहीं करता है।
उत्तर – सत्य।
(vi) आदर्श एमीटर का प्रतिरोध बहुत अधिक होता है।
उत्तर – असत्य।
प्रश्न 6. विद्युत क्षेत्र की तीव्रता की परिभाषा दीजिए तथा इसका SI मात्रक लिखिए। 2
उत्तर – किसी विद्युत क्षेत्र में रखे एकांक धन परीक्षण आवेश पर लगने वाले बल को विद्युत क्षेत्र की तीव्रता कहते हैं।
E = F/q
इसका SI मात्रक न्यूटन/कूलॉम है।
अथवा
विद्युत विभव की परिभाषा दीजिए तथा इसका SI मात्रक लिखिए।
उत्तर – किसी बिंदु तक एकांक धन आवेश को अनंत से लाने में किए गए कार्य को उस बिंदु का विद्युत विभव कहते हैं।
V = W/q
इसका SI मात्रक वोल्ट है।
प्रश्न 7. विद्युत द्विध्रुव आघूर्ण क्या है? इसका सूत्र एवं SI मात्रक लिखिए। 2
उत्तर – विद्युत द्विध्रुव के किसी एक आवेश के परिमाण तथा दोनों आवेशों के बीच की दूरी के गुणनफल को विद्युत द्विध्रुव आघूर्ण कहते हैं।
p = q × 2a
इसका SI मात्रक कूलॉम-मीटर है।
अथवा
समविभव पृष्ठ की कोई दो विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर –
- समविभव पृष्ठ के प्रत्येक बिंदु पर विद्युत विभव समान होता है।
- समविभव पृष्ठ पर आवेश को ले जाने में कोई कार्य नहीं होता है।
प्रश्न 8. ओम के नियम को लिखिए तथा इसका गणितीय रूप बताइए। 2
उत्तर – नियत तापमान पर किसी चालक में प्रवाहित धारा उसके सिरों के बीच विभवांतर के समानुपाती होती है।
V ∝ I
अतः V = IR
अथवा
प्रतिरोधकता की परिभाषा दीजिए तथा इसका SI मात्रक लिखिए।
उत्तर – किसी पदार्थ के एकांक लंबाई और एकांक अनुप्रस्थ काट के चालक के प्रतिरोध को उस पदार्थ की प्रतिरोधकता कहते हैं।
ρ = RA/l
इसका SI मात्रक ओम-मीटर है।
प्रश्न 9. विद्युत वाहक बल तथा विभवांतर में कोई दो अंतर लिखिए। 2
उत्तर –
- विद्युत वाहक बल स्रोत द्वारा एकांक आवेश को प्रदान की गई ऊर्जा है, जबकि विभवांतर एकांक आवेश को दो बिंदुओं के बीच ले जाने में किए गए कार्य को दर्शाता है।
- विद्युत वाहक बल को सामान्यतः ε से तथा विभवांतर को V से प्रदर्शित करते हैं।
अथवा
किरचॉफ के प्रथम नियम को लिखिए।
उत्तर – किसी संधि पर मिलने वाली धाराओं का बीजीय योग शून्य होता है।
ΣI = 0
अर्थात संधि पर आने वाली धाराओं का योग, संधि से जाने वाली धाराओं के योग के बराबर होता है।
प्रश्न 10. बायो-सेवर्ट नियम का कथन लिखिए तथा इसका गणितीय सूत्र लिखिए। 2
उत्तर – किसी धारा-तत्व के कारण किसी बिंदु पर उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र धारा, धारा-तत्व की लंबाई और sinθ के समानुपाती तथा बिंदु की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
dB = μ₀/4π × Idl sinθ/r²
अथवा
एम्पियर के परिपथीय नियम का कथन लिखिए।
उत्तर – किसी बंद पथ के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र का रेखीय समाकलन उस पथ द्वारा घिरी कुल धारा के μ₀ गुने के बराबर होता है।
∮B·dl = μ₀ I
प्रश्न 11. लॉरेंज बल से क्या तात्पर्य है? इसका सूत्र लिखिए। 2
उत्तर – विद्युत तथा चुंबकीय क्षेत्र में गतिमान आवेश पर लगने वाले कुल बल को लॉरेंज बल कहते हैं।
F = q(E + v × B)
अथवा
चुंबकीय क्षेत्र में धारा-वाहक चालक पर लगने वाले बल का सूत्र लिखिए।
उत्तर –
F = BIl sinθ
जहाँ B चुंबकीय क्षेत्र, I धारा, l चालक की लंबाई तथा θ धारा और चुंबकीय क्षेत्र के बीच कोण है।
प्रश्न 12. विद्युत क्षेत्र रेखाओं की कोई तीन विशेषताएँ लिखिए। 3
उत्तर –
- विद्युत क्षेत्र रेखाएँ धन आवेश से निकलती हैं और ऋण आवेश पर समाप्त होती हैं।
- किसी बिंदु पर क्षेत्र रेखा की स्पर्श रेखा उस बिंदु पर विद्युत क्षेत्र की दिशा बताती है।
- दो विद्युत क्षेत्र रेखाएँ कभी एक-दूसरे को नहीं काटती हैं।
अथवा
गाउस के नियम का कथन लिखिए तथा इसका गणितीय रूप दीजिए।
उत्तर – किसी बंद पृष्ठ से गुजरने वाला कुल विद्युत फ्लक्स उस पृष्ठ के अंदर स्थित कुल आवेश का 1/ε₀ गुना होता है।
Φ = q/ε₀
या
∮E·dA = q/ε₀
प्रश्न 13. 4 Ω और 6 Ω के दो प्रतिरोध श्रेणीक्रम में जुड़े हैं। उनका तुल्य प्रतिरोध ज्ञात कीजिए। यदि इस संयोजन में 2 A धारा प्रवाहित हो रही है, तो कुल विभवांतर ज्ञात कीजिए। 3
उत्तर –
श्रेणीक्रम में,
R = R₁ + R₂
R = 4 + 6 = 10 Ω
ओम के नियम से,
V = IR
V = 2 × 10
V = 20 V
अतः तुल्य प्रतिरोध 10 Ω तथा कुल विभवांतर 20 V है।
अथवा
5 Ω और 10 Ω के दो प्रतिरोध समानांतर क्रम में जुड़े हैं। उनका तुल्य प्रतिरोध ज्ञात कीजिए।
उत्तर –
समानांतर क्रम में,
1/R = 1/R₁ + 1/R₂
1/R = 1/5 + 1/10
1/R = 3/10
अतः R = 10/3 Ω
R ≈ 3.33 Ω
प्रश्न 14. एक समान चुंबकीय क्षेत्र में गति कर रहे आवेशित कण पर लगने वाले चुंबकीय बल का सूत्र लिखकर स्पष्ट कीजिए कि बल कब अधिकतम और कब शून्य होगा। 3
उत्तर –
आवेशित कण पर चुंबकीय बल,
F = qvB sinθ
जब θ = 90°,
Fmax = qvB
अतः बल अधिकतम होता है।
जब θ = 0° या 180°,
F = 0
अतः आवेश का वेग चुंबकीय क्षेत्र के समानांतर या विपरीत दिशा में होने पर चुंबकीय बल शून्य होता है।
अथवा
दो समानांतर धारा-वाहक तारों के बीच लगने वाले बल की प्रकृति समझाइए तथा बताइए कि समान दिशा में धारा प्रवाहित होने पर क्या होता है।
उत्तर – दो समानांतर धारा-वाहक तारों के बीच चुंबकीय बल लगता है। यदि दोनों तारों में धारा समान दिशा में प्रवाहित होती है, तो दोनों तार एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं। यदि धाराएँ विपरीत दिशाओं में हों, तो दोनों तार एक-दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं।
प्रश्न 15. चल-कुंडली धारामापी का सिद्धांत लिखिए तथा इसकी कार्यविधि समझाइए। 3
उत्तर – चल-कुंडली धारामापी धारा-वाहक कुंडली पर चुंबकीय क्षेत्र में लगने वाले बल-आघूर्ण के सिद्धांत पर कार्य करता है।
जब कुंडली में धारा प्रवाहित की जाती है, तो चुंबकीय क्षेत्र में कुंडली पर बल-आघूर्ण उत्पन्न होता है। इसके कारण कुंडली घूमती है। कुंडली से जुड़ी सूचक सुई पैमाने पर विक्षेप दर्शाती है। विक्षेप धारा के समानुपाती होता है।
अथवा
धारामापी को वोल्टमीटर में कैसे बदला जाता है? आवश्यक परिपथ समझाइए।
उत्तर – धारामापी के साथ उच्च प्रतिरोध का प्रतिरोधक श्रेणीक्रम में जोड़कर उसे वोल्टमीटर में बदला जाता है। इस उच्च प्रतिरोध के कारण वोल्टमीटर बहुत कम धारा लेता है।
यदि धारामापी का प्रतिरोध G तथा पूर्ण विक्षेप धारा Ig है और वोल्टमीटर की परास V है, तो श्रेणी प्रतिरोध,
R = V/Ig – G
प्रश्न 16. गाउस के नियम की सहायता से अनंत लंबाई के समान रूप से आवेशित सीधे तार के कारण विद्युत क्षेत्र की तीव्रता का व्यंजक प्राप्त कीजिए। 4
उत्तर –
मान लें कि अनंत लंबाई के सीधे तार पर रेखीय आवेश घनत्व λ है। तार के चारों ओर त्रिज्या r तथा लंबाई l का बेलनाकार गाउस पृष्ठ लेते हैं।
गाउस के नियम के अनुसार,
∮E·dA = q/ε₀
बेलनाकार पृष्ठ से कुल विद्युत फ्लक्स,
Φ = E × 2πrl
अंदर स्थित आवेश,
q = λl
अतः,
E × 2πrl = λl/ε₀
अतः,
E = λ/(2πε₀r)
यही अनंत लंबाई के समान रूप से आवेशित सीधे तार के कारण विद्युत क्षेत्र की तीव्रता का व्यंजक है।
अथवा
किसी बिंदु आवेश के कारण विद्युत विभव का व्यंजक प्राप्त कीजिए तथा विभव और विद्युत क्षेत्र के बीच संबंध लिखिए।
उत्तर –
मान लें कि q बिंदु आवेश से r दूरी पर कोई बिंदु P है।
एकांक धन आवेश को अनंत से P तक लाने में किया गया कार्य,
W = qQ/(4πε₀r)
अतः विद्युत विभव,
V = W/q
V = Q/(4πε₀r)
इसलिए बिंदु आवेश के कारण विद्युत विभव,
V = 1/(4πε₀) × Q/r
विभव और विद्युत क्षेत्र के बीच संबंध,
E = -dV/dr
प्रश्न 17. एक समान चुंबकीय क्षेत्र में रखे धारा-वाहक चालक पर लगने वाले बल का व्यंजक प्राप्त कीजिए। आवश्यक नामांकित चित्र भी बनाइए। 4
उत्तर –
मान लें कि लंबाई l का एक चालक एक समान चुंबकीय क्षेत्र B में रखा गया है तथा उसमें I धारा प्रवाहित हो रही है। चालक और चुंबकीय क्षेत्र के बीच कोण θ है।
चुंबकीय क्षेत्र में धारा-वाहक चालक पर लगने वाला बल,
F = BIl sinθ
यदि चालक चुंबकीय क्षेत्र के लंबवत है, तो θ = 90°।
अतः,
F = BIl
बल की दिशा फ्लेमिंग के बाएँ हाथ के नियम से ज्ञात की जाती है।
अथवा
बायो-सेवर्ट नियम की सहायता से वृत्ताकार धारा-लूप के केंद्र पर चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता का व्यंजक प्राप्त कीजिए।
उत्तर –
त्रिज्या R की वृत्ताकार कुंडली में I धारा प्रवाहित हो रही है। कुंडली के केंद्र पर प्रत्येक धारा-तत्व से उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र की दिशा समान होती है।
बायो-सेवर्ट नियम के अनुसार,
dB = μ₀/4π × Idl/R²
पूरी कुंडली के लिए,
B = μ₀/4π × I/R² ∫dl
वृत्ताकार कुंडली के लिए,
∫dl = 2πR
अतः,
B = μ₀I/4πR² × 2πR
अतः,
B = μ₀I/2R
यदि कुंडली में N फेरें हों, तो,
B = μ₀NI/2R
प्रश्न 18. 2 μF तथा 4 μF के दो संधारित्र श्रेणीक्रम में 12 V बैटरी से जुड़े हैं।
(i) तुल्य धारिता ज्ञात कीजिए।
(ii) प्रत्येक संधारित्र पर आवेश ज्ञात कीजिए।
(iii) प्रत्येक संधारित्र के बीच विभवांतर ज्ञात कीजिए। 4
उत्तर –
दिया है,
C₁ = 2 μF
C₂ = 4 μF
V = 12 V
श्रेणीक्रम में तुल्य धारिता,
1/C = 1/C₁ + 1/C₂
1/C = 1/2 + 1/4
1/C = 3/4
अतः,
C = 4/3 μF
संधारित्रों पर आवेश समान होगा।
Q = CV
Q = 4/3 × 12
Q = 16 μC
प्रथम संधारित्र पर विभवांतर,
V₁ = Q/C₁
V₁ = 16/2
V₁ = 8 V
द्वितीय संधारित्र पर विभवांतर,
V₂ = Q/C₂
V₂ = 16/4
V₂ = 4 V
अतः तुल्य धारिता = 4/3 μF, प्रत्येक संधारित्र पर आवेश = 16 μC, तथा विभवांतर क्रमशः 8 V और 4 V है।
अथवा
संधारित्र में संचित ऊर्जा का व्यंजक प्राप्त कीजिए तथा 5 μF के संधारित्र को 100 V तक आवेशित करने पर संचित ऊर्जा ज्ञात कीजिए।
उत्तर –
संधारित्र में संचित ऊर्जा,
U = 1/2 CV²
दिया है,
C = 5 μF = 5 × 10⁻⁶ F
V = 100 V
अतः,
U = 1/2 × 5 × 10⁻⁶ × (100)²
U = 2.5 × 10⁻² J
अतः संधारित्र में संचित ऊर्जा = 0.025 J
प्रश्न 19. चल-कुंडली धारामापी का सिद्धांत, रचना एवं कार्यविधि समझाइए तथा इसकी धारा-संवेदनशीलता का व्यंजक लिखिए। 4
उत्तर –
सिद्धांत – चल-कुंडली धारामापी धारा-वाहक कुंडली पर चुंबकीय क्षेत्र में लगने वाले बल-आघूर्ण के सिद्धांत पर कार्य करता है।
रचना – इसमें एक आयताकार कुंडली होती है, जिसे शक्तिशाली स्थायी चुंबक के ध्रुवों के बीच रखा जाता है। कुंडली के साथ स्प्रिंग तथा संकेतक जुड़ा होता है।
कार्यविधि – कुंडली में धारा प्रवाहित करने पर उस पर चुंबकीय बल-आघूर्ण लगता है। इसके कारण कुंडली घूमती है। स्प्रिंग द्वारा पुनर्स्थापन बल-आघूर्ण उत्पन्न होता है। संतुलन की स्थिति में संकेतक का विक्षेप धारा के समानुपाती होता है।
धारा-संवेदनशीलता,
Sᵢ = θ/I
यदि N फेरों वाली कुंडली का क्षेत्रफल A तथा चुंबकीय क्षेत्र B हो और स्प्रिंग का बल-आघूर्ण नियतांक k हो, तो,
θ = NBIA/k
अतः,
Sᵢ = θ/I = NBA/k
अथवा
लंबे सीधे धारा-वाहक तार के कारण किसी बिंदु पर चुंबकीय क्षेत्र का व्यंजक एम्पियर के परिपथीय नियम की सहायता से प्राप्त कीजिए।
उत्तर –
मान लें कि लंबे सीधे तार में I धारा प्रवाहित हो रही है। तार से r दूरी पर चुंबकीय क्षेत्र ज्ञात करना है।
तार के चारों ओर त्रिज्या r का वृत्ताकार एम्पियरियन पथ लेते हैं।
एम्पियर के परिपथीय नियम के अनुसार,
∮B·dl = μ₀I
वृत्ताकार पथ पर B का मान समान होगा।
अतः,
B∮dl = μ₀I
चूँकि,
∮dl = 2πr
इसलिए,
B × 2πr = μ₀I
अतः,
B = μ₀I/(2πr)
यही लंबे सीधे धारा-वाहक तार के कारण चुंबकीय क्षेत्र का व्यंजक है।








