नमस्कार विद्यार्थियों! मैं आप सभी विद्यार्थियों के लिए Class 12th Economics Trimasik Paper 2026 का एक पेपर लेकर आ चुका हूँ। यदि आप Class 12th Economics Trimasik Paper 2026 की तैयारी कर रहे हैं, तो यह पेपर आपके लिए काफी उपयोगी हो सकता है।विद्यार्थियों जैसा की माह सितंबर में दिन सोमवार 7 तारीख को से आपकी त्रैमासिक परीक्षाएं स्टार्ट हो रही हैं और पहला ही पेपर अर्थशास्त्र का होने वाला है इसलिए आपको भौतिक शास्त्र त्रैमासिक पेपर की बहुत आवश्यकता है इसलिए मैं Class 12th Economics Trimasik Paper 2026 परीक्षा का पेपर लेकर आ चुका हूं इस पेपर का संपूर्ण सॉल्यूशन भी आपको मैं देने वाला हूं

| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| परीक्षा बोर्ड | मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) |
| कक्षा | 12वीं |
| विषय | Economics |
| परीक्षा | त्रैमासिक परीक्षा |
| शैक्षणिक सत्र | 2026-27 |
| पेपर | Class 12th Economics Trimasik Paper 2026 |
| पहला गणित पेपर | 7 सितंबर 2026, सोमवार |
| परीक्षा अवधि | 3 घंटे |
| पूर्णांक | 80 अंक |
| तैयारी सामग्री | मॉडल पेपर + उत्तर |
| आधिकारिक वेबसाइट | MPBSE.net |
त्रैमासिक परीक्षा 2026-27
कक्षा – 12वीं
विषय – अर्थशास्त्र (कला एवं वाणिज्य समूह)
समय – 3 घंटे पूर्णांक – 80
निर्देश :- सभी प्रश्न हल करना अनिवार्य है। प्रश्न क्रमांक 06 से 23 तक सभी प्रश्नों में आंतरिक विकल्प दिए गए हैं। प्रश्न क्रमांक 01 से 05 तक वस्तुनिष्ठ प्रश्न हैं।
प्रश्न 01. सही विकल्प चुनकर लिखिए – 6
(1) जब किसी वस्तु की अतिरिक्त इकाई से प्राप्त उपयोगिता शून्य हो जाती है, तब कुल उपयोगिता –
(अ) अधिकतम होती है (ब) न्यूनतम होती है (स) शून्य होती है (द) ऋणात्मक होती है
(2) सामान्य वस्तुओं की मांग आय बढ़ने पर –
(अ) घटती है (ब) बढ़ती है (स) स्थिर रहती है (द) शून्य हो जाती है
(3) उत्पादन के साधनों की मांग कहलाती है –
(अ) प्रत्यक्ष मांग (ब) व्युत्पन्न मांग (स) संयुक्त मांग (द) स्वायत्त मांग
(4) जब बाजार में मांग, पूर्ति से अधिक होती है, तब कीमत –
(अ) घटती है (ब) बढ़ती है (स) स्थिर रहती है (द) शून्य हो जाती है
(5) पूर्ण प्रतियोगिता बाजार में वस्तु की कीमत निर्धारित होती है –
(अ) फर्म द्वारा (ब) सरकार द्वारा (स) बाजार की मांग और पूर्ति द्वारा (द) एकाधिकार फर्म द्वारा
(6) सीमांत लागत का सूत्र है –
(अ) ΔTC/ΔQ (ब) TC/Q (स) TR/Q (द) ΔTR/ΔQ
प्रश्न 02. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए – 6
(1) किसी वस्तु की कीमत बढ़ने पर सामान्यतः उसकी मांग __________ जाती है।
(2) कुल उपयोगिता और सीमांत उपयोगिता के बीच संबंध को __________ नियम से समझाया जाता है।
(3) अल्पकाल में उत्पादन के कुछ साधन __________ होते हैं।
(4) कुल लागत और कुल उत्पादन के अनुपात को __________ लागत कहते हैं।
(5) पूर्ण प्रतियोगिता में फर्म __________ कीमत स्वीकार करती है।
(6) मांग और पूर्ति की शक्तियों के बराबर होने पर बाजार में __________ स्थापित होता है।
प्रश्न 03. सत्य / असत्य लिखिए – 6
(1) अर्थशास्त्र में संसाधनों के सीमित होने की समस्या का अध्ययन किया जाता है।
(2) किसी वस्तु की कीमत घटने पर उसकी मांग हमेशा घटती है।
(3) सीमांत उपयोगिता कुल उपयोगिता में परिवर्तन को दर्शाती है।
(4) स्थिर लागत उत्पादन की मात्रा बदलने पर बदलती रहती है।
(5) पूर्ण प्रतियोगिता बाजार में विक्रेताओं की संख्या बहुत अधिक होती है।
(6) संतुलन कीमत पर बाजार में मांग और पूर्ति बराबर होती है।
प्रश्न 04. सही जोड़ी बनाइए – 7
(1) मांग का नियम (अ) कीमत और मांग में विपरीत संबंध
(2) पूरक वस्तुएँ (ब) एकाधिकार
(3) स्थानापन्न वस्तुएँ (स) चाय और कॉफी
(4) पूर्ण प्रतियोगिता (द) कार और पेट्रोल
(5) कुल लागत (इ) स्थिर लागत + परिवर्ती लागत
(6) सीमांत लागत (फ) कुल लागत में परिवर्तन
(7) संतुलन कीमत (ग) मांग = पूर्ति
प्रश्न 05. एक वाक्य में उत्तर दीजिए – 7
(1) अर्थशास्त्र किस समस्या का अध्ययन करता है?
(2) सीमांत उपयोगिता किसे कहते हैं?
(3) मांग की कीमत लोच का अर्थ क्या है?
(4) उत्पादन फलन क्या है?
(5) स्थिर लागत किसे कहते हैं?
(6) बाजार संतुलन किसे कहते हैं?
(7) पूर्ण प्रतियोगिता बाजार की एक विशेषता लिखिए।
प्रश्न 06. समष्टि अर्थशास्त्र किसे कहते हैं? 2
अथवा
सूक्ष्म अर्थशास्त्र किसे कहते हैं?
प्रश्न 07. उपयोगिता से क्या आशय है? 2
अथवा
सीमांत उपयोगिता किसे कहते हैं?
प्रश्न 08. बजट रेखा क्या होती है? 2
अथवा
बजट सेट किसे कहते हैं?
प्रश्न 09. मांग की कीमत लोच से क्या आशय है? 2
अथवा
मांग की आय लोच किसे कहते हैं?
प्रश्न 10. कुल उत्पाद और सीमांत उत्पाद में क्या संबंध है? 2
अथवा
औसत उत्पाद किसे कहते हैं?
प्रश्न 11. स्थिर लागत और परिवर्ती लागत में अंतर लिखिए। 2
अथवा
अल्पकालीन लागत से क्या आशय है?
प्रश्न 12. कुल लागत और औसत लागत में अंतर लिखिए। 2
अथवा
सीमांत लागत किसे कहते हैं?
प्रश्न 13. पूर्ण प्रतियोगिता बाजार की कोई दो विशेषताएँ लिखिए। 2
अथवा
एकाधिकार बाजार की कोई दो विशेषताएँ लिखिए।
प्रश्न 14. मांग में वृद्धि से संतुलन कीमत पर क्या प्रभाव पड़ता है? 2
अथवा
पूर्ति में वृद्धि से संतुलन कीमत पर क्या प्रभाव पड़ता है?
प्रश्न 15. बाजार मांग और व्यक्तिगत मांग में अंतर लिखिए। 2
अथवा
स्थानापन्न तथा पूरक वस्तुओं में अंतर लिखिए।
प्रश्न 16. अर्थव्यवस्था की केंद्रीय समस्याओं की विवेचना कीजिए। 3
अथवा
अर्थव्यवस्था की कोई तीन प्रमुख समस्याएँ लिखिए।
प्रश्न 17. किसी वस्तु की मांग को प्रभावित करने वाले तीन प्रमुख तत्वों को समझाइए। 3
अथवा
मांग की लोच को प्रभावित करने वाले तीन तत्व लिखिए।
प्रश्न 18. स्थिर लागत तथा परिवर्ती लागत में अंतर उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए। 3
अथवा
औसत लागत तथा सीमांत लागत में अंतर स्पष्ट कीजिए।
प्रश्न 19. पूर्ण प्रतियोगिता बाजार की तीन प्रमुख विशेषताएँ लिखिए। 3
अथवा
एकाधिकार बाजार की तीन प्रमुख विशेषताएँ लिखिए।
प्रश्न 20. ‘वस्तुओं का उत्पादन कैसे किया जाए’ समस्या को चार बिंदुओं में समझाइए। 4
अथवा
उत्पादन की केंद्रीय समस्या से क्या आशय है? इसे विस्तार से समझाइए।
प्रश्न 21. मांग के नियम की व्याख्या तालिका तथा चित्र द्वारा कीजिए। 4
अथवा
मांग वक्र के नीचे की ओर झुकने के कोई चार कारण लिखिए।
प्रश्न 22. उत्पादन फलन क्या है? इसके प्रमुख प्रकारों को विस्तार से समझाइए। 4
अथवा
कुल उत्पाद, औसत उत्पाद तथा सीमांत उत्पाद के बीच संबंध स्पष्ट कीजिए।
प्रश्न 23. संतुलन कीमत तथा संतुलन मात्रा का निर्धारण मांग और पूर्ति की सहायता से समझाइए। 4
अथवा
यदि बाजार कीमत संतुलन कीमत से अधिक हो जाए, तो बाजार में क्या स्थिति उत्पन्न होगी? मांग और पूर्ति के आधार पर समझाइए।
बिल्कुल। नीचे उसी अर्थशास्त्र के प्रश्नपत्र का पूरा समाधान दिया गया है। मैंने इसे WordPress में सीधे कॉपी-पेस्ट करने के हिसाब से रखा है। किसी प्रश्न या उत्तर को बड़ा, छोटा, Bold या अलग Heading Style नहीं किया गया है। पूरे कंटेंट को एक ही कॉपी ब्लॉक में दिया है।
त्रैमासिक परीक्षा 2026-27
कक्षा – 12वीं
विषय – अर्थशास्त्र
पूर्णांक – 80
प्रश्न 1. सही विकल्प चुनकर लिखिए – 6
(1) जब किसी वस्तु की अतिरिक्त इकाई से प्राप्त उपयोगिता शून्य हो जाती है, तब कुल उपयोगिता –
उत्तर – (अ) अधिकतम होती है।
(2) सामान्य वस्तुओं की मांग आय बढ़ने पर –
उत्तर – (ब) बढ़ती है।
(3) उत्पादन के साधनों की मांग कहलाती है –
उत्तर – (ब) व्युत्पन्न मांग।
(4) जब बाजार में मांग, पूर्ति से अधिक होती है, तब कीमत –
उत्तर – (ब) बढ़ती है।
(5) पूर्ण प्रतियोगिता बाजार में वस्तु की कीमत निर्धारित होती है –
उत्तर – (स) बाजार की मांग और पूर्ति द्वारा।
(6) सीमांत लागत का सूत्र है –
उत्तर – (अ) ΔTC/ΔQ
प्रश्न 2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए – 6
(1) किसी वस्तु की कीमत बढ़ने पर सामान्यतः उसकी मांग __________ जाती है।
उत्तर – घट
(2) कुल उपयोगिता और सीमांत उपयोगिता के बीच संबंध को __________ नियम से समझाया जाता है।
उत्तर – ह्रासमान सीमांत उपयोगिता
(3) अल्पकाल में उत्पादन के कुछ साधन __________ होते हैं।
उत्तर – स्थिर
(4) कुल लागत और कुल उत्पादन के अनुपात को __________ लागत कहते हैं।
उत्तर – औसत
(5) पूर्ण प्रतियोगिता में फर्म __________ कीमत स्वीकार करती है।
उत्तर – बाजार द्वारा निर्धारित
(6) मांग और पूर्ति की शक्तियों के बराबर होने पर बाजार में __________ स्थापित होता है।
उत्तर – संतुलन
प्रश्न 3. सत्य / असत्य लिखिए – 6
(1) अर्थशास्त्र में संसाधनों के सीमित होने की समस्या का अध्ययन किया जाता है।
उत्तर – सत्य।
(2) किसी वस्तु की कीमत घटने पर उसकी मांग हमेशा घटती है।
उत्तर – असत्य।
(3) सीमांत उपयोगिता कुल उपयोगिता में परिवर्तन को दर्शाती है।
उत्तर – सत्य।
(4) स्थिर लागत उत्पादन की मात्रा बदलने पर बदलती रहती है।
उत्तर – असत्य।
(5) पूर्ण प्रतियोगिता बाजार में विक्रेताओं की संख्या बहुत अधिक होती है।
उत्तर – सत्य।
(6) संतुलन कीमत पर बाजार में मांग और पूर्ति बराबर होती है।
उत्तर – सत्य।
प्रश्न 4. सही जोड़ी बनाइए – 7
(1) मांग का नियम – (अ) कीमत और मांग में विपरीत संबंध
(2) पूरक वस्तुएँ – (द) कार और पेट्रोल
(3) स्थानापन्न वस्तुएँ – (स) चाय और कॉफी
(4) पूर्ण प्रतियोगिता – (ब) एकाधिकार
(5) कुल लागत – (इ) स्थिर लागत + परिवर्ती लागत
(6) सीमांत लागत – (फ) कुल लागत में परिवर्तन
(7) संतुलन कीमत – (ग) मांग = पूर्ति
प्रश्न 5. एक वाक्य में उत्तर दीजिए – 7
(1) अर्थशास्त्र किस समस्या का अध्ययन करता है?
उत्तर – अर्थशास्त्र सीमित साधनों के वैकल्पिक उपयोगों में चुनाव की समस्या का अध्ययन करता है।
(2) सीमांत उपयोगिता किसे कहते हैं?
उत्तर – किसी वस्तु की एक अतिरिक्त इकाई के उपभोग से कुल उपयोगिता में होने वाली वृद्धि को सीमांत उपयोगिता कहते हैं।
(3) मांग की कीमत लोच का अर्थ क्या है?
उत्तर – वस्तु की कीमत में परिवर्तन के कारण उसकी मांग में होने वाले परिवर्तन की मात्रा को मांग की कीमत लोच कहते हैं।
(4) उत्पादन फलन क्या है?
उत्तर – उत्पादन के साधनों और उनसे प्राप्त अधिकतम उत्पादन के बीच के तकनीकी संबंध को उत्पादन फलन कहते हैं।
(5) स्थिर लागत किसे कहते हैं?
उत्तर – वह लागत जो उत्पादन की मात्रा में परिवर्तन होने पर भी स्थिर रहती है, स्थिर लागत कहलाती है।
(6) बाजार संतुलन किसे कहते हैं?
उत्तर – जिस स्थिति में बाजार में मांग और पूर्ति बराबर होती है, उसे बाजार संतुलन कहते हैं।
(7) पूर्ण प्रतियोगिता बाजार की एक विशेषता लिखिए।
उत्तर – पूर्ण प्रतियोगिता बाजार में क्रेताओं और विक्रेताओं की संख्या बहुत अधिक होती है।
प्रश्न 6. समष्टि अर्थशास्त्र किसे कहते हैं? 2
उत्तर – अर्थव्यवस्था की समग्र इकाइयों जैसे राष्ट्रीय आय, कुल रोजगार, सामान्य कीमत स्तर, कुल उत्पादन आदि का अध्ययन करने वाली अर्थशास्त्र की शाखा को समष्टि अर्थशास्त्र कहते हैं।
अथवा
सूक्ष्म अर्थशास्त्र किसे कहते हैं?
उत्तर – अर्थव्यवस्था की व्यक्तिगत इकाइयों जैसे उपभोक्ता, उत्पादक, फर्म, वस्तु की कीमत और मांग आदि का अध्ययन करने वाली अर्थशास्त्र की शाखा को सूक्ष्म अर्थशास्त्र कहते हैं।
प्रश्न 7. उपयोगिता से क्या आशय है? 2
उत्तर – किसी वस्तु या सेवा में मानव की आवश्यकता को संतुष्ट करने की क्षमता को उपयोगिता कहते हैं।
अथवा
सीमांत उपयोगिता किसे कहते हैं?
उत्तर – किसी वस्तु की एक अतिरिक्त इकाई के उपभोग से कुल उपयोगिता में होने वाली वृद्धि को सीमांत उपयोगिता कहते हैं।
प्रश्न 8. बजट रेखा क्या होती है? 2
उत्तर – दो वस्तुओं के ऐसे विभिन्न संयोजनों को दर्शाने वाली रेखा, जिन्हें उपभोक्ता अपनी दी हुई आय और वस्तुओं की दी हुई कीमतों पर खरीद सकता है, बजट रेखा कहलाती है।
अथवा
बजट सेट किसे कहते हैं?
उत्तर – दो वस्तुओं के उन सभी संभावित संयोजनों का समूह, जिन्हें उपभोक्ता अपनी आय और दी हुई कीमतों के आधार पर खरीद सकता है, बजट सेट कहलाता है।
प्रश्न 9. मांग की कीमत लोच से क्या आशय है? 2
उत्तर – वस्तु की कीमत में परिवर्तन के कारण उसकी मांग की मात्रा में होने वाले परिवर्तन की प्रतिक्रिया को मांग की कीमत लोच कहते हैं।
Ed = मांग की मात्रा में प्रतिशत परिवर्तन / कीमत में प्रतिशत परिवर्तन
अथवा
मांग की आय लोच किसे कहते हैं?
उत्तर – उपभोक्ता की आय में परिवर्तन के कारण वस्तु की मांग में होने वाले परिवर्तन की प्रतिक्रिया को मांग की आय लोच कहते हैं।
Ey = मांग की मात्रा में प्रतिशत परिवर्तन / आय में प्रतिशत परिवर्तन
प्रश्न 10. कुल उत्पाद और सीमांत उत्पाद में क्या संबंध है? 2
उत्तर – सीमांत उत्पाद किसी एक अतिरिक्त इकाई परिवर्ती साधन के प्रयोग से कुल उत्पाद में होने वाली वृद्धि है। जब सीमांत उत्पाद धनात्मक होता है, तब कुल उत्पाद बढ़ता है। जब सीमांत उत्पाद शून्य होता है, तब कुल उत्पाद अधिकतम होता है।
अथवा
औसत उत्पाद किसे कहते हैं?
उत्तर – कुल उत्पाद और परिवर्ती साधन की कुल इकाइयों के अनुपात को औसत उत्पाद कहते हैं।
AP = TP/L
प्रश्न 11. स्थिर लागत और परिवर्ती लागत में अंतर लिखिए। 2
उत्तर –
1. स्थिर लागत उत्पादन की मात्रा बदलने पर नहीं बदलती, जबकि परिवर्ती लागत उत्पादन की मात्रा के साथ बदलती है।
2. भवन का किराया स्थिर लागत का उदाहरण है, जबकि कच्चा माल और मजदूरी परिवर्ती लागत के उदाहरण हैं।
अथवा
अल्पकालीन लागत से क्या आशय है?
उत्तर – अल्पकाल में कुछ उत्पादन साधन स्थिर तथा कुछ साधन परिवर्ती होते हैं। इस अवधि में उत्पादन करने पर होने वाली लागत को अल्पकालीन लागत कहते हैं।
प्रश्न 12. कुल लागत और औसत लागत में अंतर लिखिए। 2
उत्तर –
कुल लागत उत्पादन की सभी इकाइयों पर होने वाली कुल लागत है।
TC = TFC + TVC
औसत लागत प्रति इकाई उत्पादन की लागत है।
AC = TC/Q
अथवा
सीमांत लागत किसे कहते हैं?
उत्तर – उत्पादन की एक अतिरिक्त इकाई के उत्पादन से कुल लागत में होने वाली वृद्धि को सीमांत लागत कहते हैं।
MC = ΔTC/ΔQ
प्रश्न 13. पूर्ण प्रतियोगिता बाजार की कोई दो विशेषताएँ लिखिए। 2
उत्तर –
1. इस बाजार में क्रेताओं और विक्रेताओं की संख्या बहुत अधिक होती है।
2. सभी फर्में समान या समरूप वस्तु का उत्पादन करती हैं।
अथवा
एकाधिकार बाजार की कोई दो विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर –
1. बाजार में वस्तु का केवल एक प्रमुख विक्रेता होता है।
2. वस्तु की निकट स्थानापन्न वस्तुएँ उपलब्ध नहीं होती हैं।
प्रश्न 14. मांग में वृद्धि से संतुलन कीमत पर क्या प्रभाव पड़ता है? 2
उत्तर – पूर्ति स्थिर रहने पर मांग में वृद्धि होने से संतुलन कीमत बढ़ जाती है तथा संतुलन मात्रा भी बढ़ जाती है।
अथवा
पूर्ति में वृद्धि से संतुलन कीमत पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर – मांग स्थिर रहने पर पूर्ति में वृद्धि होने से संतुलन कीमत घट जाती है तथा संतुलन मात्रा बढ़ जाती है।
प्रश्न 15. बाजार मांग और व्यक्तिगत मांग में अंतर लिखिए। 2
उत्तर –
1. किसी एक उपभोक्ता द्वारा वस्तु की विभिन्न कीमतों पर मांगी गई मात्रा को व्यक्तिगत मांग कहते हैं।
2. बाजार में सभी उपभोक्ताओं की व्यक्तिगत मांगों का योग बाजार मांग कहलाता है।
अथवा
स्थानापन्न तथा पूरक वस्तुओं में अंतर लिखिए।
उत्तर –
स्थानापन्न वस्तुएँ वे वस्तुएँ हैं जिनका प्रयोग एक-दूसरे के स्थान पर किया जा सकता है, जैसे चाय और कॉफी।
पूरक वस्तुएँ वे वस्तुएँ हैं जिनका उपयोग एक-दूसरे के साथ किया जाता है, जैसे कार और पेट्रोल।
प्रश्न 16. अर्थव्यवस्था की केंद्रीय समस्याओं की विवेचना कीजिए। 3
उत्तर – संसाधनों की दुर्लभता के कारण प्रत्येक अर्थव्यवस्था को निम्नलिखित केंद्रीय समस्याओं का सामना करना पड़ता है –
1. क्या उत्पादन किया जाए – किन वस्तुओं का उत्पादन किया जाए तथा कितनी मात्रा में उत्पादन किया जाए।
2. कैसे उत्पादन किया जाए – उत्पादन के लिए श्रम-प्रधान या पूंजी-प्रधान तकनीक में से किसका उपयोग किया जाए।
3. किसके लिए उत्पादन किया जाए – उत्पादित वस्तुओं और सेवाओं का वितरण किन व्यक्तियों के बीच और किस प्रकार किया जाए।
अथवा
अर्थव्यवस्था की कोई तीन प्रमुख समस्याएँ लिखिए।
उत्तर –
1. क्या और कितना उत्पादन किया जाए।
2. कैसे उत्पादन किया जाए।
3. किसके लिए उत्पादन किया जाए।
प्रश्न 17. किसी वस्तु की मांग को प्रभावित करने वाले तीन प्रमुख तत्वों को समझाइए। 3
उत्तर –
1. वस्तु की कीमत – सामान्यतः वस्तु की कीमत बढ़ने पर उसकी मांग घटती है और कीमत घटने पर मांग बढ़ती है।
2. उपभोक्ता की आय – सामान्य वस्तुओं के मामले में आय बढ़ने पर मांग बढ़ती है।
3. संबंधित वस्तुओं की कीमत – स्थानापन्न और पूरक वस्तुओं की कीमत में परिवर्तन से संबंधित वस्तु की मांग प्रभावित होती है।
अथवा
मांग की लोच को प्रभावित करने वाले तीन तत्व लिखिए।
उत्तर –
1. वस्तु की प्रकृति।
2. वस्तु पर होने वाले व्यय का आय में अनुपात।
3. वस्तु के स्थानापन्नों की उपलब्धता।
प्रश्न 18. स्थिर लागत तथा परिवर्ती लागत में अंतर उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए। 3
उत्तर –
स्थिर लागत – वह लागत जो उत्पादन की मात्रा में परिवर्तन होने पर भी स्थिर रहती है, स्थिर लागत कहलाती है। उदाहरण – भवन का किराया, मशीन का बीमा आदि।
परिवर्ती लागत – वह लागत जो उत्पादन की मात्रा के साथ बदलती रहती है, परिवर्ती लागत कहलाती है। उदाहरण – कच्चा माल, बिजली, ईंधन आदि।
अथवा
औसत लागत तथा सीमांत लागत में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर –
औसत लागत – कुल लागत को कुल उत्पादन से विभाजित करने पर प्राप्त लागत को औसत लागत कहते हैं।
AC = TC/Q
सीमांत लागत – उत्पादन की एक अतिरिक्त इकाई के उत्पादन से कुल लागत में होने वाली वृद्धि को सीमांत लागत कहते हैं।
MC = ΔTC/ΔQ
प्रश्न 19. पूर्ण प्रतियोगिता बाजार की तीन प्रमुख विशेषताएँ लिखिए। 3
उत्तर –
1. इस बाजार में क्रेताओं और विक्रेताओं की संख्या बहुत अधिक होती है।
2. सभी फर्में समरूप वस्तु का उत्पादन करती हैं।
3. बाजार में क्रेताओं और विक्रेताओं को बाजार की पूर्ण जानकारी होती है।
अथवा
एकाधिकार बाजार की तीन प्रमुख विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर –
1. बाजार में वस्तु का एक ही प्रमुख विक्रेता होता है।
2. वस्तु की निकट स्थानापन्न वस्तुएँ उपलब्ध नहीं होती हैं।
3. नई फर्मों के बाजार में प्रवेश पर बाधाएँ होती हैं।
प्रश्न 20. ‘वस्तुओं का उत्पादन कैसे किया जाए’ समस्या को चार बिंदुओं में समझाइए। 4
उत्तर – ‘कैसे उत्पादन किया जाए’ अर्थव्यवस्था की एक केंद्रीय समस्या है। इसका संबंध उत्पादन की तकनीक के चुनाव से है।
1. उत्पादन में उपलब्ध साधनों का उचित संयोजन किया जाता है।
2. उत्पादक को यह निर्णय लेना होता है कि श्रम-प्रधान तकनीक अपनाई जाए या पूंजी-प्रधान तकनीक।
3. तकनीक का चुनाव उपलब्ध संसाधनों और उनकी कीमतों पर निर्भर करता है।
4. उत्पादक ऐसी तकनीक का चुनाव करता है जिससे कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सके।
अथवा
उत्पादन की केंद्रीय समस्या से क्या आशय है? इसे विस्तार से समझाइए।
उत्तर – संसाधनों की सीमितता और उनके वैकल्पिक उपयोगों के कारण अर्थव्यवस्था को उत्पादन से संबंधित निर्णय लेने पड़ते हैं। इन्हें उत्पादन की केंद्रीय समस्याएँ कहा जाता है।
1. क्या और कितना उत्पादन किया जाए।
2. कैसे उत्पादन किया जाए।
3. किसके लिए उत्पादन किया जाए।
इन समस्याओं का समाधान उपलब्ध संसाधनों का उचित एवं कुशल उपयोग करके किया जाता है।
प्रश्न 21. मांग के नियम की व्याख्या तालिका तथा चित्र द्वारा कीजिए। 4
उत्तर – अन्य बातें समान रहने पर किसी वस्तु की कीमत में वृद्धि होने पर उसकी मांग की मात्रा घटती है तथा कीमत में कमी होने पर मांग की मात्रा बढ़ती है। इसे मांग का नियम कहते हैं।
मांग तालिका –
कीमत (रुपये) मांग की मात्रा
10 20
20 15
30 10
40 5
तालिका से स्पष्ट है कि वस्तु की कीमत बढ़ने पर मांग की मात्रा घटती जाती है। इसलिए मांग वक्र सामान्यतः बाएँ से दाएँ नीचे की ओर झुका होता है।
अथवा
मांग वक्र के नीचे की ओर झुकने के कोई चार कारण लिखिए।
उत्तर –
1. सीमांत उपयोगिता में कमी।
2. आय प्रभाव।
3. प्रतिस्थापन प्रभाव।
4. नए उपभोक्ताओं का बाजार में प्रवेश।
प्रश्न 22. उत्पादन फलन क्या है? इसके प्रमुख प्रकारों को विस्तार से समझाइए। 4
उत्तर – उत्पादन के साधनों और उनसे प्राप्त अधिकतम उत्पादन के बीच के तकनीकी संबंध को उत्पादन फलन कहते हैं।
उत्पादन फलन का सामान्य रूप –
Q = f(L, K)
जहाँ Q उत्पादन, L श्रम तथा K पूंजी को दर्शाता है।
उत्पादन फलन मुख्यतः दो प्रकार का होता है –
1. अल्पकालीन उत्पादन फलन – इसमें कुछ साधन स्थिर रहते हैं और कुछ साधन परिवर्ती होते हैं।
2. दीर्घकालीन उत्पादन फलन – इसमें सभी उत्पादन साधनों को परिवर्तित किया जा सकता है।
अथवा
कुल उत्पाद, औसत उत्पाद तथा सीमांत उत्पाद के बीच संबंध स्पष्ट कीजिए।
उत्तर –
कुल उत्पाद (TP) – किसी साधन की सभी इकाइयों के प्रयोग से प्राप्त कुल उत्पादन को कुल उत्पाद कहते हैं।
औसत उत्पाद (AP) – कुल उत्पाद और परिवर्ती साधन की इकाइयों के अनुपात को औसत उत्पाद कहते हैं।
AP = TP/L
सीमांत उत्पाद (MP) – परिवर्ती साधन की एक अतिरिक्त इकाई के प्रयोग से कुल उत्पाद में होने वाली वृद्धि को सीमांत उत्पाद कहते हैं।
MP = ΔTP/ΔL
जब सीमांत उत्पाद धनात्मक होता है, तो कुल उत्पाद बढ़ता है। जब सीमांत उत्पाद शून्य होता है, तब कुल उत्पाद अधिकतम होता है।
प्रश्न 23. संतुलन कीमत तथा संतुलन मात्रा का निर्धारण मांग और पूर्ति की सहायता से समझाइए। 4
उत्तर – जिस कीमत पर बाजार में वस्तु की मांग और पूर्ति बराबर हो जाती है, उसे संतुलन कीमत कहते हैं। उस कीमत पर खरीदी और बेची जाने वाली मात्रा को संतुलन मात्रा कहते हैं।
उदाहरण –
कीमत (रुपये) मांग पूर्ति
10 50 20
20 40 30
30 30 30
40 20 40
तालिका में 30 रुपये की कीमत पर मांग और पूर्ति दोनों 30 इकाई हैं। अतः 30 रुपये संतुलन कीमत तथा 30 इकाई संतुलन मात्रा होगी।
अथवा
यदि बाजार कीमत संतुलन कीमत से अधिक हो जाए, तो बाजार में क्या स्थिति उत्पन्न होगी? मांग और पूर्ति के आधार पर समझाइए।
उत्तर – यदि बाजार कीमत संतुलन कीमत से अधिक हो जाती है, तो उस कीमत पर पूर्ति मांग से अधिक हो जाती है। इससे बाजार में अतिरिक्त पूर्ति या अधिशेष की स्थिति उत्पन्न होती है।
विक्रेता अपनी वस्तुओं को बेचने के लिए कीमत कम करने का प्रयास करते हैं। कीमत घटने के कारण मांग बढ़ती है और पूर्ति घटती है। यह प्रक्रिया तब तक चलती है जब तक बाजार पुनः संतुलन कीमत पर नहीं पहुँच जाता।








