नमस्कार विद्यार्थियों! मैं आप सभी विद्यार्थियों के लिए MP Board कक्षा 12वीं पशुपालन त्रैमासिक पेपर 2026 का एक पेपर लेकर आ चुका हूँ। यदि आप MP Board कक्षा 12वीं पशुपालन त्रैमासिक पेपर 2026 की तैयारी कर रहे हैं, तो यह पेपर आपके लिए काफी उपयोगी हो सकता है।विद्यार्थियों जैसा की माह सितंबर में दिन सोमवार 7 तारीख को से आपकी त्रैमासिक परीक्षाएं स्टार्ट हो रही हैं और पहला ही पेपर पशुपालन का होने वाला है इसलिए आपको पशुपालन त्रैमासिक पेपर की बहुत आवश्यकता है इसलिए मैं MP Board कक्षा 12वीं पशुपालन त्रैमासिक पेपर 2026 परीक्षा का पेपर लेकर आ चुका हूं इस पेपर का संपूर्ण सॉल्यूशन भी आपको मैं देने वाला हूं

| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| परीक्षा बोर्ड | मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) |
| कक्षा | 12वीं |
| विषय | पशुपालन |
| परीक्षा | त्रैमासिक परीक्षा |
| शैक्षणिक सत्र | 2026-27 |
| पेपर | MP Board कक्षा 12वीं पशुपालन त्रैमासिक पेपर 2026 |
| पहला गणित पेपर | 7 सितंबर 2026, सोमवार |
| परीक्षा अवधि | 3 घंटे |
| पूर्णांक | 70 अंक |
| तैयारी सामग्री | मॉडल पेपर + उत्तर |
| आधिकारिक वेबसाइट | MPBSE.net |
त्रैमासिक परीक्षा 2026-27
कक्षा – 12वीं
विषय – पशुपालन, दुग्ध व्यवसाय, मुर्गी पालन एवं मत्स्य पालन
समय – 03 घंटे पूर्णांक – 70
निर्देश –
(1) सभी प्रश्न हल करना अनिवार्य है।
(2) प्रश्न क्रमांक 1 से 5 तक वस्तुनिष्ठ प्रश्न हैं। प्रत्येक उप-प्रश्न 1 अंक का है।
(3) प्रश्न क्रमांक 6 से 20 तक प्रत्येक प्रश्न में आंतरिक विकल्प दिया गया है।
(4) प्रश्न क्रमांक 6 से 12 तक प्रत्येक प्रश्न 2 अंक का है।
(5) प्रश्न क्रमांक 13 से 16 तक प्रत्येक प्रश्न 3 अंक का है।
(6) प्रश्न क्रमांक 17 से 20 तक प्रत्येक प्रश्न 4 अंक का है।
(7) जहाँ आवश्यक हो, स्पष्ट एवं नामांकित चित्र बनाइए।
प्रश्न 1. सही विकल्प चुनकर लिखिए – 1×6=6
(1) पशु आहार में शरीर की वृद्धि एवं ऊतकों के निर्माण के लिए मुख्य रूप से आवश्यक पोषक तत्व है –
(अ) प्रोटीन (ब) खनिज (स) विटामिन (द) जल
(2) साइलेज बनाने के लिए फसल को किस अवस्था में काटना अधिक उपयुक्त होता है?
(अ) पूर्णतः सूखने पर (ब) उचित हरी अवस्था में (स) बीज बनने के बहुत बाद (द) केवल फूल आने से पहले
(3) खुरपका-मुंहपका रोग मुख्यतः किस प्रकार का रोग है?
(अ) विषाणुजनित (ब) जीवाणुजनित (स) कवकजनित (द) परजीवीजनित
(4) पशु के शरीर का तापमान मापने के लिए किस उपकरण का उपयोग किया जाता है?
(अ) स्टेथोस्कोप (ब) थर्मामीटर (स) ट्रोकार (द) ड्रेसिंग फोर्सेप
(5) रोहू किससे संबंधित है?
(अ) पशु नस्ल (ब) मछली (स) बकरी की नस्ल (द) भेड़ की नस्ल
(6) बकरी पालन के लिए प्रसिद्ध नस्लों में से एक है –
(अ) जमुनापारी (ब) मुर्रा (स) जर्सी (द) थारपारकर
प्रश्न 2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए – 1×6=6
(1) पशु को उसकी सभी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए दिया गया उचित आहार __________ आहार कहलाता है।
(2) हरे चारे को नियंत्रित किण्वन द्वारा संरक्षित करने की विधि को __________ कहते हैं।
(3) पशु के शरीर में ऊर्जा प्रदान करने वाले प्रमुख पोषक तत्व __________ हैं।
(4) खुरपका-मुंहपका रोग को संक्षेप में __________ कहा जाता है।
(5) मछली के छोटे बच्चों को सामान्यतः __________ कहा जाता है।
(6) भेड़ पालन से मुख्य रूप से __________ तथा मांस प्राप्त किया जाता है।
प्रश्न 3. सत्य अथवा असत्य लिखिए – 1×6=6
(1) संतुलित आहार में सभी आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में होते हैं।
(2) साइलेज को खुले में बिना दबाए रखने से उसकी गुणवत्ता बढ़ती है।
(3) खुरपका-मुंहपका रोग संक्रामक रोग है।
(4) पशु की जाँच से उसके स्वास्थ्य एवं उत्पादन की जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
(5) मत्स्य पालन केवल समुद्र में ही किया जाता है।
(6) बकरी को गरीब व्यक्ति की गाय कहा जाता है।
प्रश्न 4. सही जोड़ी बनाइए – 1×5=5
(1) साइलेज (अ) जमुनापारी
(2) खुरपका-मुंहपका (ब) चारा संरक्षण
(3) जमुनापारी (स) विषाणुजनित रोग
(4) रोहू (द) मछली
(5) भेड़ पालन (इ) ऊन
प्रश्न 5. एक वाक्य में उत्तर दीजिए – 1×5=5
(1) संतुलित आहार किसे कहते हैं?
(2) हे क्या है?
(3) पशु जाँच का एक उद्देश्य लिखिए।
(4) मत्स्य पालन से क्या आशय है?
(5) सूकर पालन का एक प्रमुख लाभ लिखिए।
प्रश्न 6. पशु आहार में प्रोटीन के कोई दो कार्य लिखिए। 2
अथवा
पशु आहार में खनिज लवणों के कोई दो कार्य लिखिए।
प्रश्न 7. साइलेज किसे कहते हैं? इसके कोई दो गुण लिखिए। 2
अथवा
हे और साइलेज में कोई दो अंतर लिखिए।
प्रश्न 8. पशु चिकित्सा में उपयोग होने वाले किसी दो उपकरणों के नाम एवं उपयोग लिखिए। 2
अथवा
पशु की जाँच करते समय किन्हीं दो बातों का ध्यान रखना चाहिए?
प्रश्न 9. खुरपका-मुंहपका रोग के कोई दो लक्षण लिखिए। 2
अथवा
पशु प्लेग रोग के कोई दो लक्षण लिखिए।
प्रश्न 10. पशु की जाँच का क्या महत्व है? कोई दो बिंदु लिखिए। 2
अथवा
पशुओं की आयु ज्ञात करने की कोई दो विधियाँ लिखिए।
प्रश्न 11. मत्स्य पालन के कोई दो लाभ लिखिए। 2
अथवा
मछलियों के आहार में किन्हीं दो आवश्यक पोषक तत्वों के नाम लिखिए।
प्रश्न 12. बकरी पालन की कोई दो उपयोगिताएँ लिखिए। 2
अथवा
भेड़ पालन के कोई दो लाभ लिखिए।
प्रश्न 13. पशु आहार के प्रमुख अवयवों के नाम लिखकर उनके कार्य समझाइए। 3
अथवा
संतुलित आहार के प्रमुख गुण लिखिए।
प्रश्न 14. साइलेज बनाने की विधि को क्रमवार समझाइए। 3
अथवा
साइलेज बनाते समय ध्यान रखने योग्य तीन बातों को लिखिए।
प्रश्न 15. खुरपका-मुंहपका रोग के कारण, प्रमुख लक्षण एवं बचाव के उपाय लिखिए। 3
अथवा
गलघोटू रोग के प्रमुख लक्षण एवं रोकथाम के उपाय लिखिए।
प्रश्न 16. मत्स्य पालन की प्रमुख विधियों को संक्षेप में समझाइए। 3
अथवा
मछली पालन व्यवसाय की कोई तीन प्रमुख समस्याएँ लिखिए।
प्रश्न 17. पशु आहार में आवश्यक पोषक तत्वों का वर्गीकरण कीजिए तथा प्रत्येक का संक्षिप्त कार्य लिखिए। 4
अथवा
पशु के लिए संतुलित आहार निर्धारित करने के प्रमुख सिद्धांतों को समझाइए।
प्रश्न 18. पशु की जाँच का अर्थ, उद्देश्य एवं प्रमुख विधियाँ विस्तार से समझाइए। 4
अथवा
अच्छे पशु का चयन करते समय ध्यान रखने योग्य चार प्रमुख गुण लिखिए।
प्रश्न 19. मत्स्य पालन का महत्व, मछलियों के आहार तथा मछली पालन की प्रमुख विधियों को समझाइए। 4
अथवा
मत्स्य पालन व्यवसाय की प्रमुख समस्याएँ एवं उनके निवारण के उपाय लिखिए।
प्रश्न 20. सूकर पालन, बकरी पालन एवं भेड़ पालन के महत्व की तुलना करते हुए इनके प्रमुख लाभ लिखिए। 4
अथवा
सूकर पालन, बकरी पालन एवं भेड़ पालन के लिए आवश्यक प्रबंध संबंधी प्रमुख बिंदुओं को समझाइए।
त्रैमासिक परीक्षा 2026-27
कक्षा – 12वीं
विषय – पशुपालन, दुग्ध व्यवसाय, मुर्गी पालन एवं मत्स्य पालन
समय – 03 घंटे पूर्णांक – 70
प्रश्न 1. सही विकल्प चुनकर लिखिए – 1×6=6
(1) पशु आहार में शरीर की वृद्धि एवं ऊतकों के निर्माण के लिए मुख्य रूप से आवश्यक पोषक तत्व है –
उत्तर – (अ) प्रोटीन
(2) साइलेज बनाने के लिए फसल को किस अवस्था में काटना अधिक उपयुक्त होता है?
उत्तर – (ब) उचित हरी अवस्था में
(3) खुरपका-मुंहपका रोग मुख्यतः किस प्रकार का रोग है?
उत्तर – (अ) विषाणुजनित
(4) पशु के शरीर का तापमान मापने के लिए किस उपकरण का उपयोग किया जाता है?
उत्तर – (ब) थर्मामीटर
(5) रोहू किससे संबंधित है?
उत्तर – (ब) मछली
(6) बकरी पालन के लिए प्रसिद्ध नस्लों में से एक है –
उत्तर – (अ) जमुनापारी
प्रश्न 2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए – 1×6=6
(1) पशु को उसकी सभी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए दिया गया उचित आहार __________ आहार कहलाता है।
उत्तर – संतुलित
(2) हरे चारे को नियंत्रित किण्वन द्वारा संरक्षित करने की विधि को __________ कहते हैं।
उत्तर – साइलेज
(3) पशु के शरीर में ऊर्जा प्रदान करने वाले प्रमुख पोषक तत्व __________ हैं।
उत्तर – कार्बोहाइड्रेट
(4) खुरपका-मुंहपका रोग को संक्षेप में __________ कहा जाता है।
उत्तर – FMD
(5) मछली के छोटे बच्चों को सामान्यतः __________ कहा जाता है।
उत्तर – मत्स्य बीज
(6) भेड़ पालन से मुख्य रूप से __________ तथा मांस प्राप्त किया जाता है।
उत्तर – ऊन
प्रश्न 3. सत्य अथवा असत्य लिखिए – 1×6=6
(1) संतुलित आहार में सभी आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में होते हैं।
उत्तर – सत्य।
(2) साइलेज को खुले में बिना दबाए रखने से उसकी गुणवत्ता बढ़ती है।
उत्तर – असत्य।
(3) खुरपका-मुंहपका रोग संक्रामक रोग है।
उत्तर – सत्य।
(4) पशु की जाँच से उसके स्वास्थ्य एवं उत्पादन की जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
उत्तर – सत्य।
(5) मत्स्य पालन केवल समुद्र में ही किया जाता है।
उत्तर – असत्य।
(6) बकरी को गरीब व्यक्ति की गाय कहा जाता है।
उत्तर – सत्य।
प्रश्न 4. सही जोड़ी बनाइए – 1×5=5
(1) साइलेज – (ब) चारा संरक्षण
(2) खुरपका-मुंहपका – (स) विषाणुजनित रोग
(3) जमुनापारी – (अ) जमुनापारी
(4) रोहू – (द) मछली
(5) भेड़ पालन – (इ) ऊन
प्रश्न 5. एक वाक्य में उत्तर दीजिए – 1×5=5
(1) संतुलित आहार किसे कहते हैं?
उत्तर – ऐसा आहार जिसमें पशु की आवश्यकता के अनुसार सभी आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा और अनुपात में उपस्थित हों, संतुलित आहार कहलाता है।
(2) हे क्या है?
उत्तर – हरे चारे को उचित अवस्था में सुखाकर संरक्षित किए गए चारे को हे कहते हैं।
(3) पशु जाँच का एक उद्देश्य लिखिए।
उत्तर – पशु के स्वास्थ्य की स्थिति का पता लगाना पशु जाँच का प्रमुख उद्देश्य है।
(4) मत्स्य पालन से क्या आशय है?
उत्तर – नियंत्रित एवं वैज्ञानिक विधि से मछलियों का पालन तथा उत्पादन करना मत्स्य पालन कहलाता है।
(5) सूकर पालन का एक प्रमुख लाभ लिखिए।
उत्तर – सूकर पालन से कम समय में मांस का अच्छा उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है।
प्रश्न 6. पशु आहार में प्रोटीन के कोई दो कार्य लिखिए। 2
उत्तर –
- प्रोटीन पशु के शरीर की वृद्धि एवं विकास में सहायक होता है।
- यह शरीर के ऊतकों के निर्माण एवं मरम्मत में सहायक होता है।
अथवा
पशु आहार में खनिज लवणों के कोई दो कार्य लिखिए।
उत्तर –
- खनिज लवण हड्डियों एवं दाँतों के निर्माण में सहायक होते हैं।
- ये शरीर की विभिन्न जैविक क्रियाओं को नियंत्रित करने में सहायक होते हैं।
प्रश्न 7. साइलेज किसे कहते हैं? इसके कोई दो गुण लिखिए। 2
उत्तर – हरे चारे को वायुरहित अवस्था में नियंत्रित किण्वन द्वारा सुरक्षित रखने से प्राप्त चारे को साइलेज कहते हैं।
इसके गुण –
- यह लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है।
- इसमें हरे चारे के कई पोषक तत्व सुरक्षित रहते हैं।
अथवा
हे और साइलेज में कोई दो अंतर लिखिए।
उत्तर –
- हे को चारे को सुखाकर बनाया जाता है, जबकि साइलेज को नियंत्रित किण्वन द्वारा बनाया जाता है।
- हे में चारे की नमी कम होती है, जबकि साइलेज में नमी अपेक्षाकृत अधिक रहती है।
प्रश्न 8. पशु चिकित्सा में उपयोग होने वाले किसी दो उपकरणों के नाम एवं उपयोग लिखिए। 2
उत्तर –
- थर्मामीटर – पशु के शरीर का तापमान मापने के लिए।
- स्टेथोस्कोप – पशु के हृदय एवं श्वसन की ध्वनि सुनने के लिए।
अथवा
पशु की जाँच करते समय किन्हीं दो बातों का ध्यान रखना चाहिए?
उत्तर –
- पशु को शांत एवं सुरक्षित अवस्था में रखना चाहिए।
- पशु के तापमान, नाड़ी, श्वसन तथा बाहरी लक्षणों की उचित जाँच करनी चाहिए।
प्रश्न 9. खुरपका-मुंहपका रोग के कोई दो लक्षण लिखिए। 2
उत्तर –
- पशु के मुँह में छाले एवं घाव हो जाते हैं।
- खुरों के बीच फफोले तथा घाव दिखाई देते हैं।
अथवा
पशु प्लेग रोग के कोई दो लक्षण लिखिए।
उत्तर –
- पशु को तेज बुखार हो सकता है।
- पशु में कमजोरी तथा भूख में कमी दिखाई देती है।
प्रश्न 10. पशु की जाँच का क्या महत्व है? कोई दो बिंदु लिखिए। 2
उत्तर –
- इससे पशु के स्वास्थ्य एवं रोग की स्थिति का पता चलता है।
- रोग की प्रारंभिक अवस्था में पहचान कर उपचार करने में सहायता मिलती है।
अथवा
पशुओं की आयु ज्ञात करने की कोई दो विधियाँ लिखिए।
उत्तर –
- दाँतों की जाँच द्वारा।
- पशु के शारीरिक विकास एवं बाहरी लक्षणों द्वारा।
प्रश्न 11. मत्स्य पालन के कोई दो लाभ लिखिए। 2
उत्तर –
- इससे पौष्टिक प्रोटीनयुक्त खाद्य पदार्थ प्राप्त होता है।
- इससे रोजगार एवं आय के अवसर प्राप्त होते हैं।
अथवा
मछलियों के आहार में किन्हीं दो आवश्यक पोषक तत्वों के नाम लिखिए।
उत्तर –
- प्रोटीन।
- वसा।
प्रश्न 12. बकरी पालन की कोई दो उपयोगिताएँ लिखिए। 2
उत्तर –
- बकरी से दूध प्राप्त होता है।
- बकरी से मांस एवं खाल प्राप्त होती है।
अथवा
भेड़ पालन के कोई दो लाभ लिखिए।
उत्तर –
- भेड़ से ऊन प्राप्त होती है।
- भेड़ से मांस प्राप्त होता है।
प्रश्न 13. पशु आहार के प्रमुख अवयवों के नाम लिखकर उनके कार्य समझाइए। 3
उत्तर – पशु आहार के प्रमुख अवयव एवं उनके कार्य निम्न हैं –
- कार्बोहाइड्रेट – शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं।
- प्रोटीन – शरीर की वृद्धि, ऊतकों के निर्माण एवं मरम्मत में सहायक होते हैं।
- खनिज लवण – हड्डियों, दाँतों एवं शरीर की विभिन्न क्रियाओं के लिए आवश्यक होते हैं।
अथवा
संतुलित आहार के प्रमुख गुण लिखिए।
उत्तर –
- इसमें सभी आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में होते हैं।
- यह पशु की आयु, नस्ल, कार्य एवं उत्पादन के अनुसार होना चाहिए।
- यह सुपाच्य, स्वादिष्ट एवं स्वास्थ्यवर्धक होना चाहिए।
प्रश्न 14. साइलेज बनाने की विधि को क्रमवार समझाइए। 3
उत्तर –
- हरे चारे को उचित अवस्था में काटा जाता है।
- चारे को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर गड्ढे या साइलो में भरा जाता है।
- चारे को अच्छी तरह दबाकर हवा को बाहर निकाल दिया जाता है तथा उसे वायुरुद्ध करके बंद कर दिया जाता है।
- कुछ समय तक नियंत्रित किण्वन के बाद साइलेज तैयार हो जाता है।
अथवा
साइलेज बनाते समय ध्यान रखने योग्य तीन बातों को लिखिए।
उत्तर –
- चारे में उचित मात्रा में नमी होनी चाहिए।
- चारे को अच्छी तरह दबाकर हवा बाहर निकालनी चाहिए।
- साइलो को पूरी तरह वायुरुद्ध करके बंद करना चाहिए।
प्रश्न 15. खुरपका-मुंहपका रोग के कारण, प्रमुख लक्षण एवं बचाव के उपाय लिखिए। 3
उत्तर –
कारण – यह एक विषाणुजनित एवं अत्यधिक संक्रामक रोग है।
लक्षण –
- मुँह में छाले एवं फफोले बनते हैं।
- खुरों के बीच फफोले बनते हैं।
- पशु को चलने में कठिनाई होती है तथा दूध उत्पादन कम हो जाता है।
बचाव –
- समय-समय पर टीकाकरण कराना चाहिए।
- रोगी पशु को स्वस्थ पशुओं से अलग रखना चाहिए।
- पशुशाला की स्वच्छता बनाए रखनी चाहिए।
अथवा
गलघोटू रोग के प्रमुख लक्षण एवं रोकथाम के उपाय लिखिए।
उत्तर –
लक्षण –
- पशु को तेज बुखार होता है।
- गले एवं गर्दन में सूजन दिखाई देती है।
- पशु को साँस लेने में कठिनाई होती है।
रोकथाम –
- समय पर टीकाकरण कराना चाहिए।
- रोगी पशु को स्वस्थ पशुओं से अलग रखना चाहिए।
- पशुशाला की साफ-सफाई रखना चाहिए।
प्रश्न 16. मत्स्य पालन की प्रमुख विधियों को संक्षेप में समझाइए। 3
उत्तर –
- तालाब मत्स्य पालन – तालाब में उचित प्रबंधन द्वारा मछलियों का पालन किया जाता है।
- जलाशय मत्स्य पालन – बड़े जलाशयों एवं बाँधों में मछलियों का उत्पादन किया जाता है।
- मिश्रित मत्स्य पालन – एक ही तालाब में विभिन्न प्रकार की मछलियों का पालन किया जाता है, जिससे उपलब्ध भोजन का अधिकतम उपयोग होता है।
अथवा
मछली पालन व्यवसाय की कोई तीन प्रमुख समस्याएँ लिखिए।
उत्तर –
- मछलियों में रोग एवं परजीवी संक्रमण।
- जल की गुणवत्ता का खराब होना।
- उचित बीज एवं आहार की उपलब्धता में कठिनाई।
प्रश्न 17. पशु आहार में आवश्यक पोषक तत्वों का वर्गीकरण कीजिए तथा प्रत्येक का संक्षिप्त कार्य लिखिए। 4
उत्तर – पशु आहार के प्रमुख पोषक तत्व निम्न हैं –
- कार्बोहाइड्रेट – शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं।
- प्रोटीन – शरीर की वृद्धि एवं ऊतकों के निर्माण तथा मरम्मत में सहायक होते हैं।
- वसा – ऊर्जा का प्रमुख स्रोत है तथा शरीर में ऊर्जा का भंडारण करती है।
- खनिज लवण – हड्डियों एवं दाँतों के निर्माण तथा विभिन्न शारीरिक क्रियाओं में सहायक होते हैं।
- विटामिन – शरीर की सामान्य वृद्धि एवं विभिन्न जैविक क्रियाओं के लिए आवश्यक हैं।
- जल – पाचन, पोषक तत्वों के परिवहन एवं शरीर का तापमान नियंत्रित करने में सहायक है।
अथवा
पशु के लिए संतुलित आहार निर्धारित करने के प्रमुख सिद्धांतों को समझाइए।
उत्तर –
- पशु की आयु, नस्ल एवं शरीर की स्थिति को ध्यान में रखना चाहिए।
- पशु के कार्य एवं उत्पादन के अनुसार आहार निर्धारित करना चाहिए।
- आहार में सभी आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में होने चाहिए।
- आहार स्वादिष्ट, सुपाच्य, पौष्टिक एवं आर्थिक होना चाहिए।
प्रश्न 18. पशु की जाँच का अर्थ, उद्देश्य एवं प्रमुख विधियाँ विस्तार से समझाइए। 4
उत्तर – पशु के स्वास्थ्य एवं रोग की स्थिति का पता लगाने के लिए पशु के शरीर की व्यवस्थित जाँच करना पशु जाँच कहलाता है।
उद्देश्य –
- पशु के स्वास्थ्य की स्थिति का पता लगाना।
- रोग की प्रारंभिक अवस्था में पहचान करना।
- उचित उपचार का निर्धारण करना।
- पशु की उत्पादन क्षमता का आकलन करना।
प्रमुख विधियाँ –
- निरीक्षण द्वारा जाँच।
- स्पर्श द्वारा जाँच।
- तापमान मापकर जाँच।
- हृदय एवं श्वसन की ध्वनि सुनकर जाँच।
अथवा
अच्छे पशु का चयन करते समय ध्यान रखने योग्य चार प्रमुख गुण लिखिए।
उत्तर –
- पशु स्वस्थ एवं रोगमुक्त होना चाहिए।
- पशु की नस्ल अच्छी एवं उत्पादन क्षमता अधिक होनी चाहिए।
- पशु का शरीर स्वस्थ एवं संतुलित होना चाहिए।
- पशु की आयु एवं दाँतों की स्थिति उचित होनी चाहिए।
प्रश्न 19. मत्स्य पालन का महत्व, मछलियों के आहार तथा मछली पालन की प्रमुख विधियों को समझाइए। 4
उत्तर – मत्स्य पालन का महत्व –
- इससे प्रोटीनयुक्त पौष्टिक भोजन प्राप्त होता है।
- इससे रोजगार एवं आय के अवसर मिलते हैं।
- इससे जल संसाधनों का उपयोग किया जा सकता है।
- यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास में सहायक है।
मछलियों के आहार में प्रोटीन, वसा, कार्बोहाइड्रेट, खनिज एवं विटामिन आवश्यक होते हैं।
प्रमुख विधियाँ –
- तालाब मत्स्य पालन।
- जलाशय मत्स्य पालन।
- मिश्रित मत्स्य पालन।
अथवा
मत्स्य पालन व्यवसाय की प्रमुख समस्याएँ एवं उनके निवारण के उपाय लिखिए।
उत्तर –
समस्याएँ –
- मछलियों में रोगों का फैलना।
- जल की गुणवत्ता खराब होना।
- गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज की कमी।
- उचित आहार एवं तकनीकी जानकारी का अभाव।
निवारण –
- समय-समय पर तालाब एवं जल की जाँच करनी चाहिए।
- स्वस्थ एवं गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज का उपयोग करना चाहिए।
- मछलियों को संतुलित आहार देना चाहिए।
- रोगी मछलियों की पहचान कर उचित उपचार करना चाहिए।
प्रश्न 20. सूकर पालन, बकरी पालन एवं भेड़ पालन के महत्व की तुलना करते हुए इनके प्रमुख लाभ लिखिए। 4
उत्तर –
सूकर पालन –
- इससे कम समय में अधिक मांस उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है।
- यह रोजगार एवं आय का अच्छा साधन है।
बकरी पालन –
- बकरी से दूध एवं मांस प्राप्त होता है।
- बकरी कम लागत में पाली जा सकती है।
भेड़ पालन –
- भेड़ से ऊन एवं मांस प्राप्त होता है।
- भेड़ पालन ग्रामीण क्षेत्रों में आय का महत्वपूर्ण साधन है।
अथवा
सूकर पालन, बकरी पालन एवं भेड़ पालन के लिए आवश्यक प्रबंध संबंधी प्रमुख बिंदुओं को समझाइए।
उत्तर –
- पशुओं के लिए साफ एवं हवादार आवास की व्यवस्था करनी चाहिए।
- पशुओं को संतुलित एवं पौष्टिक आहार देना चाहिए।
- स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए।
- समय-समय पर टीकाकरण एवं स्वास्थ्य परीक्षण कराना चाहिए।
- रोगी पशुओं को स्वस्थ पशुओं से अलग रखना चाहिए।
- पशुओं की नस्ल एवं उत्पादन क्षमता के अनुसार उचित प्रबंधन करना चाहिए।








